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यूपी में भ्रष्ट और अयोग्य चकबंदी अधिकारियों की होगी छुट्टी, अनिवार्य सेवानिवृत्ति की तैयारी शुरू

Published: Fri, 05 Jun 2026 07:39 AM (IST)

उत्तर प्रदेश चकबंदी विभाग ने भ्रष्ट और अयोग्य अधिकारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने की तैयारी की है, जिससे चकबंदी कार्यों में तेजी लाई जा सके।

भ्रष्ट व अयोग्य चकबंदी अधिकारियों की होगी छुट्टी। (तस्वीर- फाइल)

 भ्रष्ट व अयोग्य चकबंदी अधिकारियों की होगी छुट्टी। (तस्वीर- फाइल)

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मनोज त्रिपाठी, लखनऊ। चकबंदी के कार्यों में तेजी लाने के लिए भ्रष्ट व अयोग्य चकबंदी व सहायक चकबंदी अधिकारियों की छुट्टी की जाएगी। चकबंदी विभाग ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं।

इस संदर्भ में चकबंदी आयुक्त डा. हृषिकेश भास्कर यशोद ने चार सदस्यीय स्क्रीनिंग समिति का गठन कर दिया है। साथ ही सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि 15 दिनों के भीतर 50 वर्ष की आयु पूरी कर चुके उन भ्रष्ट चकबंदी अधिकारियों की सूची भेजी जाए जो 30 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछली 22 मई को चकबंदी के लंबित मामलों को तत्काल निस्तारित करने और चकबंदी के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए थे। पिछले माह चकबंदी आयुक्त के प्रयासों से कन्नौज के गांव अकबरपुर में 45 वर्षों, बिजनौर के गांव कस्बा झालू, सहारनपुर के गांव डालामाजरा में 37 वर्षों और प्रयागराज के गांव राजेपुर मय सराय अरजानी में 34 वर्षों से लंबित चल रही चकबंदी की प्रक्रिया को पूरा किया गया था।

वर्तमान में चकबंदी से संबंधित 7955 वाद लंबित चल रहे हैं। कई बार चेतावनी के बाद भी अधिकारियों द्वारा इन वादों का निस्तारण नहीं किया जा सका है। नतीजतन चकबंदी आयुक्त ने भ्रष्ट व अयोग्य चकबंदी अधिकारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने के लिए चार सदस्यीय स्क्रीनिंग समिति का गठन किया है।


चकबंदी आयुक्त की अध्यक्षता में गठित समिति में अपर आयुक्त चकबंदी,वित्त नियंत्रक व उप संचालक चकबंदी को समिति का सदस्य बनाया गया है। जिलाधिकारियों द्वारा भेजी गई भ्रष्ट व अयोग्य चकबंदी अधिकारियों की सूची की स्क्रीनिंग कर समिति इसी माह अपनी रिपोर्ट देगी।

इसके बाद संबंधित चकबंदी अधिकारियों को तीन माह का नोटिस जारी किया जाएगा। इसके बाद फंडामेंटल रूल्स-56 के तहत संबंधित चकबंदी अधिकारियों को जनहित में अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जाएगी।

पक्षपात करने वाले अधिकारियों पर होगी कार्रवाई

चकबंदी आयुक्त ने बताया कि जिलाधिकारियों व बंदोबस्त अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि भ्रष्ट व अयोग्य अधिकारियों की सूची तैयार करने में किसी भी प्रकार का पक्षपात न किया जाए। पक्षपात करने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी।

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