लखनऊ, जेएनएन। डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पताल में कोरोना मरीजों की रिपोर्ट मिलने में तीन दिनों तक का समय लग जा रहा है। इस वजह से मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दरअसल इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को आइसोलेशन में रखकर उनका इलाज शुरू किया जाता है।

रिपोर्ट आने के बाद निगेटिव होने पर संबंधित वार्ड में शिफ्ट कर दिया जाता है। मगर तीन दिनों तक रिपोर्ट नहीं मिलने से मरीजों को आइसोलेशन में ही रखना पड़ रहा है। इस वजह से अन्य गंभीर मरीजों को भर्ती होने का मौका नहीं मिल पा रहा है। आइसोलेशन वार्ड फुल होने से कई मरीजों को लौटना भी पड़ रहा है। सिविल अस्पताल में रोजाना करीब डेढ़ सौ लोगों के नमूने जांच को केजीएमयू भेजे जा रहे हैं, लेकिन वहां से तीसरे दिन रिपोर्ट प्राप्त हो रही है। सिविल की इमरजेंसी में आइसोलेशन के लिए करीब 40 बेड आरक्षित कराए गए हैं। यह सभी अक्सर फुल ही रहते हैं। सिविल अस्पताल के सीएमएस डॉ एसके नंदा ने बताया कि मरीजों के नमूने केजीएमयू भेजे जाते हैं। कभी-कभी दूसरे दिन भी रिपोर्ट आ जाती थी, लेकिन अब अक्सर तीन दिनों तक का वक्त लग रहा है। इससे आइसोलेशन वार्ड हमेशा फुल रहता है। इसी वजह से अन्य गंभीर मरीजों को भर्ती करने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। अगर हमारे पास रिपोर्ट समय से आ जाए तो तो नेगेटिव रिपोर्ट वाले मरीजों को वार्ड में शिफ्ट कर दिया जाए। जिससे कि अन्य मरीजों के लिए भी बेड खाली हो जाया करेगा।

 

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