गोंडा, जेएनएन। उत्तर प्रदेश के गोंडा में सोमवार की रात मसकनवा कस्बे में प्रतिमा विसर्जन को लेकर विवाद हो गया। पूजा कमेटी के आयोजकों ने एसओ पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए एसडीएम का घेराव किया। मामला शांत कराया गया।

बताया जाता है कि मसकनवा कस्बे में एक दर्जन व सब्जी मंडी क्षेत्र में भी प्रतिमा स्थापित की गई थी। सोमवार को पुलिस कर्मियों ने कस्बे में स्थापित एक दर्जन दुर्गा प्रतिमाओं को कोविड के नियमों का हवाला देते हुए सादगी के साथ शाम पांच बजे से पहले विसर्जित करवा दिया। सब्जीमंडी क्षेत्र में स्थापित दुर्गा प्रतिमा का जुलूस शाम को निकाला गया। इसमें गाजे-बाजे के साथ भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रतिभाग किया। इस प्रतिमा का विसर्जन देर रात को हुआ। इसको लेकर अन्य पूजा कमेटियों के पदाधिकारी भड़क गए। 

उनका आरोप था कि एसओ ने सब्जी मंडी में स्थापित प्रतिमा के आयोजकों को छूट दी, जिससे उन लोगों ने गाजे-बाजे के साथ विसर्जन जुलूस निकाला। जबकि उन लोगों की प्रतिमा का विसर्जन जुलूस सादगी के साथ शाम पांच बजे से पहले करवा दिया। आक्रोशित लोगों ने एसडीएम मनकापुर हीरालाल का घेराव शुरू कर दिया। सूचना पर सीओ मनकापुर भी पहुंच गए। आक्रोशित लोगों को अधिकारियों ने समझा बुझाकर शांत कराया। एसडीएम ने कहा कि इस मामले में दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 

एसओ छपिया संजय तोमर भेदभाव के आरोपों को खारिज कर रहे हैं। उनका कहना है कि सब्जी मंडी में स्थापित दुर्गा प्रतिमा के विसर्जन में विलंब हुआ है। इसकी वजह वहां पर जनरेटर में आई खराबी है। भेदभाव का आरोप निराधार है।

 

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