दिल्ली रैली के बाद यूपी में कांग्रेस ने कसी कमर, प्रियंका गांधी ने की चुनावी तैयारियों पर मंथन
दिल्ली में महारैली के बाद कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज कर दी हैं।
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प्रियंका गांधी ने प्रदेश नेताओं के साथ बैठक कर चुनावी रणनीति, प्रदेश कार्यकारिणी गठन और सपा के साथ सीट बंटवारे पर चर्चा की।
HighLights
दिल्ली रैली के बाद कांग्रेस ने यूपी चुनाव तैयारी तेज की।
प्रियंका गांधी ने प्रदेश नेताओं संग चुनावी रणनीति पर मंथन किया।
प्रदेश कार्यकारिणी गठन, घोषणा पत्र व सीट बंटवारे पर चर्चा।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। दिल्ली के रामलीला मैदान में महारैली के बाद कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज कर दी हैं। इस सिलसिले में मंगलवार को दिल्ली में पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ प्रदेश कांग्रेस के नेताओं ने बैठक कर चुनावी तैयारियों पर मंथन किया। बैठक में प्रदेश कार्यकारिणी के गठन पर भी चर्चा की गई। साथ ही, चुनावी घोषणा पत्र व चुनाव प्रचार सहित अन्य कमेटियों के गठन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
कांग्रेस ने पांच दिसंबर 2024 को प्रदेश कार्यकारिणी भंग कर दी थी। इसके बाद से अभी तक प्रदेश कार्यकारिणी का गठन नहीं किया जा सका है। दिल्ली रैली के बाद मंगलवार को हुई बैठक में उत्तर प्रदेश में वोट चोरी के मुद्दे को लेकर रैलियों की तिथि व स्थल तय करने की जिम्मेदारी प्रदेश कांग्रेस को सौंपी गई है।
दूसरी तरफ मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अभय दुबे ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राज्य की 40 सीटों पर कांग्रेस की मजबूत दावेदारी है।
यह सीटें कांग्रेस के लोकसभा सदस्यों के क्षेत्रों से संबंधित हैं। इसके अलावा सपा के साथ सीटों के बंटवारे का निर्णय दोनों दलों का शीर्ष नेतृत्व द्वारा लिया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए भाजपा पदयात्रा निकाल रही है। उन्होंने राज्य के छोटे दलों को कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ने की अपील की है।
प्रदेश प्रभारी ने स्वामी प्रसाद मौर्य से मुलाकात को लेकर दी सफाई
सोमवार को दिल्ली में स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ बैठक के बाद गरमाई सियासत को लेकर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने सफाई दी है कि उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर यह बैठक की थी। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ उनके रिश्ते खराब होने के कारण कांग्रेस इस मुद्दे को आगे नहीं बढ़ाना चाह रही है।