विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

'हमारे ग्राम स्वराज में परिवारवादी मॉडल के लिए कोई जगह नहीं' राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर बोले सीएम योगी

Published: Fri, 02 Oct 2026 06:59 PM (IST)Updated: Fri, 02 Oct 2026 07:25 PM (IST)

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गांधी जयंती पर कहा कि उनकी सरकार गांवों को आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की पहली इकाई मानती है, न कि विकास की अंतिम सीढ़ी।

2017 से पहले गांवों को विकास के बजाय मिले केवल वादे, ग्रामीणों को लगाने पड़ते थे चक्कर: सीएम योगी।

2017 से पहले गांवों को विकास के बजाय मिले केवल वादे, ग्रामीणों को लगाने पड़ते थे चक्कर: सीएम योगी।

HighLights

  1. गांवों को आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की पहली इकाई माना जा रहा है।

  2. 57,600 ग्राम सचिवालयों में डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

  3. सशक्त पंचायतें और समृद्ध गांव ग्राम स्वराज की आधारशिला हैं।

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार गांव को विकास की अंतिम सीढ़ी नहीं, बल्कि नए भारत के आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की पहली इकाई मानकर काम कर रही है। सशक्त पंचायत व समृद्ध गांव ही ग्राम स्वराज की आधारशिला हैं, जिसमें परिवारवादी मॉडल के लिए कोई जगह नहीं है।

मुख्यमंत्री ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर साझा की गई पोस्ट में कहा कि वर्ष 2017 से पहले गांवों को विकास नहीं, केवल वादे मिले। गांवों के नाम पर राजनीति होती रही, लेकिन व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही का अभाव रहा।

आय और जाति प्रमाण-पत्र जैसे सामान्य कार्यों के लिए भी ग्रामीणों को तहसील, थाना और जिला मुख्यालय के चक्कर लगाने पड़ते थे। गांवों को केवल वोट बैंक के रूप में देखने वाली राजनीति के कारण ग्रामीण क्षेत्रों का विकास प्रभावित हुआ। वर्तमान सरकार ने व्यवस्था में बदलाव करते हुए ग्राम पंचायतों को सुविधाओं और सेवाओं से जोड़ने पर काम किया है।

57,600 ग्राम सचिवालयों में डिजिटल सुविधाएं

मुख्यमंत्री ने अपनी पोस्ट में लिखा कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश के 57,600 ग्राम सचिवालयों के माध्यम से ग्रामीणों को ई-ग्राम स्वराज, डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन मॉनिटरिंग जैसी विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इससे ग्राम पंचायतों के कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की गई है।

ग्राम सचिवालयों के संचालन से प्रत्येक गांव में 5 से 7 रोजगार के अवसर भी सृजित हुए हैं। इसके साथ ही प्रदेश की 11,350 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की जा रही हैं।

ग्राम स्वराज को बताया आत्मनिर्भरता का संकल्प

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के लिए ग्राम स्वराज कोई राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि महात्मा गांधी के सपनों के गांव और उसकी आत्मनिर्भरता का संकल्प है। सशक्त पंचायत व समृद्ध गांव ही ग्राम स्वराज और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की आधारशिला हैं।

ग्राम स्वराज की इस व्यवस्था में परिवारवादी मॉडल के लिए कोई जगह नहीं है। मुख्यमंत्री ने “सशक्त पंचायत, समृद्ध गांव और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश” को ग्राम स्वराज की दिशा में सरकार के दृष्टिकोण के रूप में रेखांकित किया।

यह भी पढ़ें- इंस्पेक्टर अवनीश त्यागी को सीएम योगी ने दिया वीरता पदक, मैनपुरी पुलिस महकमे में खुशी का माहौल