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सीएम योगी का बड़ा ऐलान, अगले महीने 50 हजार बेटियों को मिलेंगे मुफ्त स्कूटर

By Parvez AhmadEdited By: Abhinaw Tripathi
Published: Sun, 04 Oct 2026 04:32 AM (IST)

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अगले महीने 50 हजार बेटियों को मुफ्त स्कूटर देने की घोषणा की है। यह घोषणा छात्रवृत्ति ...और पढ़ें

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HighLights

  1. अगले महीने 50 हजार बेटियों को मुफ्त स्कूटर देने की घोषणा।

  2. 4.6 लाख विद्यार्थियों को 148 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति वितरित की गई।

  3. छात्रवृत्ति अब सीधे डीबीटी से, बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह खत्म।

राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी की सरकार का नाम लिए बगैर उस पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्ष 2016 में तत्कालीन सरकार ने छात्रवृत्ति और फीस प्रतिपूर्ति तक रोक दी थी। भाजपा सरकार बनने के बाद यह व्यवस्था फिर शुरू हुई और बकाया छात्रवृत्ति विद्यार्थियों तक पहुंचाई गई।

उन्होंने कहा कि पहले बाबूगीरी से भी छात्रवृत्ति में सेंध लगती थी, अब पूरी राशि डीबीटी (डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर) के जरिये विद्यार्थियों के खातों में पहुंच रही है। इस अवसर पर उन्होंने यह भी कहा कि अगले महीने 50 हजार बेटियों को स्कूटर दिए जाएंगे। गौरतलब है कि योगी सरकार ने भाजपा के संकल्प पत्र में किए गए वादे के अनुसार शैक्षणिक सत्र 2025-26 में स्नातक उत्तीर्ण करने वाली शीर्ष 50 हजार छात्राओं को रानी लक्ष्मीबाई योजना के तहत मुफ्त में पेट्रोल चालित स्कूटर देने का निर्णय किया है।

शनिवार को लोक भवन में छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने एक क्लिक से 4,60,559 विद्यार्थियों के खातों में 148.04 करोड़ रुपये भेजे और 11 विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र दिए। इनमें पिछड़ा वर्ग के 2,23,615, अनुसूचित जाति के 1,59,959, सामान्य वर्ग के 38,084 और अल्पसंख्यक वर्ग के 38,901 विद्यार्थी शामिल हैं। योजना में कक्षा नौ-10 और दशमोत्तर कक्षाओं के विद्यार्थी शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष 70 लाख विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति देने का लक्ष्य है। तकनीकी त्रुटि के कारण छात्रवृत्ति से वंचित करीब चार लाख विद्यार्थियों को भी लाभ दिया जा रहा है। आवेदन से भुगतान तक प्रक्रिया आनलाइन है और अब बिचौलियों की भूमिका खत्म हो गई है। आर्थिक अभाव से किसी विद्यार्थी की पढ़ाई नहीं रुकेगी। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि छात्रवृत्ति की राशि गुटका और चाट पर खर्च न करें बल्कि इससे किताबें खरीदकर बुक बैंक बनाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले छात्र परेशान और युवा बेहाल थे। उन्होंने इशारों में विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि जिन राजनीतिक लोगों के लिए सिर्फ अपना परिवार ही पूरा प्रदेश था, वे 25 करोड़ लोगों के बारे में कैसे सोच पाते? उन्होंने दोहराया कि छह महीने में एक लाख और लोगों को नौकरी देने का लक्ष्य है।

योगी ने कहा कि भाजपा सरकार से पहले बेसिक शिक्षा में ड्रापआउट दर 19 से 20 प्रतिशत थी। अब 1.60 करोड़ बच्चों को यूनिफार्म, बैग, किताब, जूते-मोजे और स्वेटर के लिए धनराशि दी जा रही है। अटल आवासीय विद्यालयों में 18 हजार श्रमिक और निराश्रित बच्चे पढ़ रहे हैं। 746 विकासखंडों में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों और 2300 से अधिक विद्यालयों में प्रोजेक्ट अलंकार के तहत सुविधाएं बढ़ाई गई हैं।

मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि नौ वर्षों में अल्पसंख्यक समाज के 39 लाख से अधिक विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति मिली। असीम अरुण ने कहा कि तकनीकी खामियों से छूटे विद्यार्थियों को अभियान चलाकर जोड़ा गया। इस वर्ष 65.95 लाख से अधिक विद्यार्थियों को 4793 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति दी गई।

छात्रवृत्ति मिली होती तो नेता न बनते राजभर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मंत्री ओमप्रकाश राजभर को समय पर छात्रवृत्ति नहीं मिली तो पढ़ाई छूट गई। आगे का रास्ता मेहनत और संघर्ष से बना। पेट पालने के लिए थ्री-व्हीलर और टैक्सी तक चलानी पड़ी। संघर्ष करते हुए जनता की आवाज बने और राजनीति में आए। चुटकी लेते हुए कहा कि अगर राजभर को उस समय छात्रवृत्ति मिल गई होती तो वह भी पढ़-लिखकर आगे बढ़ते और शायद नेता नहीं बनते।

असीम अरुण का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्हें पढ़ाई का अवसर मिला तो आइपीएस अधिकारी बने। एडीजी रैंक तक पहुंचे और कानपुर के पुलिस कमिश्नर रहे। फिर नौकरी से इस्तीफा देकर चुनाव लड़ा और राजनीति में आए। दोनों के रास्ते अलग रहे, लेकिन दोनों आज मंत्री हैं। उन्होंने मंत्री संजीव कुमार गोंड, दानिश आजाद और नरेंद्र कश्यप के संघर्ष का भी उल्लेख किया और कहा कि ईमानदारी से किया गया प्रयास परिणाम तक पहुंचाता है।

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