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CM योगी ने खिलाड़ियों को बांटे नियुक्ति पत्र, बोले- रील में लाइक्स, मैदान में मिलती है लाइफ, मेहनत कभी नहीं जाती व्यर्थ

Published: Fri, 09 Oct 2026 01:49 AM (GMT+05:30)

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 470 खिलाड़ियों को उत्तर प्रदेश पुलिस में नियुक्ति पत्र वितरित किए, उन्हें 'जर्सी से वर्दी' तक की यात्रा के लिए प्रेरित किया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।

HighLights

  1. 470 खिलाड़ियों को उत्तर प्रदेश पुलिस में नियुक्ति पत्र वितरित किए गए।

  2. सीएम योगी ने खिलाड़ियों को 'जर्सी से वर्दी' तक का सफर बताया।

  3. युवाओं को इंटरनेट मीडिया की लत छोड़ वास्तविक उपलब्धि पाने को कहा।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। कभी खेल के मैदान में देश और प्रदेश के लिए पदक जीतने वाले 470 खिलाड़ियों के लिए गुरुवार को जिंदगी ने नया मोड़ लिया। हाथ में अब सिर्फ मेडल नहीं, पुलिस की वर्दी पहनकर प्रदेश की सेवा करने की जिम्मेदारी भी मिली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश पुलिस में चयनित इन खेल प्रतिभाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए।

उन्होंने खिलाड़ियों से कहा कि उनकी यात्रा अब “जर्सी से वर्दी” की है। मैदान में जिस अनुशासन, मेहनत और जज्बे से परिणाम हासिल किए हैं, उसी की अपेक्षा सरकार पुलिस की वर्दी में भी करती है। युवाओं को इंटरनेट मीडिया की लत से बचने की सलाह देते हुए कहा कि उन्हें यह देखकर दुख होता है कि युवा घंटों रील में बर्बाद कर देते हैं।

“रील में लाइक्स मिलते हैं, लेकिन खेल के मैदान में लाइफ मिलती है।” उन्होंने युवाओं से सवाल किया कि उन्हें सिर्फ लाइक्स चाहिए या जिंदगी की वास्तविक पहचान और उपलब्धि। लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि नियुक्ति पत्र सरकार की कृपा या उनकी अनुकंपा नहीं, बल्कि खिलाड़ियों के पसीने और परिश्रम की कीमत है। परिश्रम कभी व्यर्थ नहीं जाता।

खिलाड़ियों को हार से सीख लेने का दिया संदेश

जिस तरह खिलाड़ियों ने चुनौतियों और पारिवारिक परिस्थितियों को बाधा नहीं बनने दिया, उसी तरह पुलिस में आने के बाद भी उन्हें समस्याओं को समाधान की ओर ले जाने की जिम्मेदारी निभानी होगी। खिलाड़ियों को हार से सीख लेने का संदेश भी दिया।

कहा कि जीत का जितना महत्व है, उससे कहीं अधिक महत्व उस खिलाड़ी का है जो हार के बाद फिर खड़ा होता है, तैयारी करता है और जीतकर मेडल लाता है। एक महिला खिलाड़ी का उदाहरण देते हुए कहा कि उसने गोल्ड मेडल इसलिए जीता क्योंकि उसका निशाना डिप्टी एसपी बनने पर अर्जुन की तरह था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय प्रदेश की पहचान आए दिन होने वाली आपराधिक घटनाओं से होती थी, लेकिन आज प्रदेश के खिलाड़ी अपने पदकों से पहचान बना रहे हैं। “मर्डर और मेडल में अंतर साफ है। एक पहचान डुबाता है और दूसरा पहचान दिलाता है।” पहले नौकरियों में “सैफई” या “सिफारिश” ही चलती थी, जबकि अब एनडीए की सरकार “नौकरी देंगे एलायंस” की सरकार है। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार में करीब 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है।

योगी ने युवाओं से शराब और सपा से सावधान रहने की अपील की। कहा कि ये दोनों प्रदेश को बर्बाद करने वाले हैं। सपा पर युवाओं की नियुक्तियों के मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए उसे “मगरमच्छ” की संज्ञा दी और कहा कि शांति का उपदेश देने वाले ऐसे मगरमच्छों से सावधान रहना होगा। गुरुवार को नियुक्ति पत्र पाने वालों में नागरिक पुलिस के 43 उप निरीक्षक, 295 आरक्षी व पीएसी के 132 आरक्षी शामिल हैं।

इससे पहले उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि सरकार खेल प्रतिभाओं को केवल पदक तक सीमित नहीं रख रही, बल्कि उन्हें सम्मानजनक रोजगार और बेहतर करियर के अवसर दे रही है। पुलिस सेवा में दो प्रतिशत कोटा इसी दिशा में पहल है।

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कुशल खिलाड़ी कोटे में 866 और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की भर्ती प्रस्तावित है। इस माैके पर खेल मंत्री गिरीश चंद्र यादव, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री संजय प्रसाद भी उपस्थित थे।