राम वन गमन मार्ग में दरार आने पर सीएम योगी ने जताई नाराजगी, शीघ्र ठीक कराने के दिए निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या को चित्रकूट से जोड़ने वाले श्रीराम वन गमन मार्ग में दरारें पड़ने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है।
-1789138002139_m.webp)
राम वन गमन मार्ग में दरार आने पर सीएम योगी ने जताई नाराजगी।
HighLights
सीएम योगी ने राम वन गमन मार्ग में दरारों पर नाराजगी जताई।
सड़क को शीघ्र ठीक कराने और ठेकेदार को प्रतिबंधित करने के निर्देश।
सड़क परियोजनाओं में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं करने पर जोर।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। अयोध्या को चित्रकूट से जोड़ने वाले श्रीराम वन गमन मार्ग में दरारें पड़ने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (मोर्थ) और लोक निर्माण विभाग (राष्ट्रीय मार्ग) के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इस मार्ग को शीघ्र ठीक कराया जाए।
इसके साथ ही, ठेकेदार को जल्द डिबार (प्रतिबंधित) कराए जाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क परियोजनाओं के काम में गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए।
शुक्रवार को वर्षा व बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत के संबंध में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने चित्रकूट जिले में श्रृंगवेरपुर धाम के निकट राम वन गमन मार्ग में आई दरारों पर नाराजगी जताई।
उन्होंने मोर्थ और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों से इस मार्ग में दरारें पड़ने के कारणों के साथ ही सड़क ठीक कराने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में पूछताछ की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सड़क परियोजनाओं की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए और निर्माण कार्यों में पूरी सतर्कता बरती जानी चाहिए।
इस मार्ग के क्षतिग्रस्त होने के बाद पीडब्ल्यूडी राष्ट्रीय मार्ग के मुख्य अभियंता एके जैन ने आठ सितंबर को ही नई दिल्ली की ठेकेदार फर्म एसएंडपी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स और स्वतंत्र अभियंता एलएन मालवीय इंफ्रा प्रोजेक्ट को डिबार करने के लिए मोर्थ को पत्र लिख दिया था।
इसके साथ ही, पीडब्ल्यूडी राष्ट्रीय मार्ग प्रयागराज के अधीक्षण अभियंता ओंकार भारतीय और अधिशासी अभियंता रवींद्र पाल सिंह को निलंबित करने की संस्तुति भी की थी।
इन संस्तुतियों पर जल्द निर्णय लिए जाने की उम्मीद है। इससे पूर्व 20 अगस्त को मोर्थ ने स्वतंत्र गुणवत्ता समीक्षक से क्षतिग्रस्त सड़क की जांच कराई थी। मरम्मत की प्रक्रिया और दायरे का निर्धारण करने के लिए मोर्थ के अधिकारी पुनः चित्रकूट का दौरा कर सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि इस मार्ग का निर्माण कार्य पिछले वर्ष अक्टूबर में पूरा हुआ था। ठेकेदार ने पैकेज-दो के तहत 14.16 किमी सड़क का निर्माण कार्य किया था, जिसमें दरारें आई हैं। कानपुर एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे के क्षतिग्रस्त होने के बाद राम वन गमन मार्ग के क्षतिग्रस्त होने की घटना को गंभीर माना जा रहा है।
