राजभर के मंच से सपा को ललकारेंगे 'योगी और नवीन', आजमगढ़ में महारैली से पूर्वांचल को बड़ा सियासी संदेश
एनडीए 29 नवंबर को आजमगढ़ में सुभासपा की रैली के जरिए सपा के गढ़ में शक्ति प्रदर्शन करेगा।

नितिन नवीन और सीएम योगी आजमगढ़ में करेंगे रैली।
HighLights
आजमगढ़ में 29 नवंबर को सुभासपा की सामाजिक समरसता महारैली।
योगी, नवीन, राजभर सपा के गढ़ में करेंगे शक्ति प्रदर्शन।
पूर्वांचल में भाजपा की पकड़ मजबूत करने की रणनीति।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। चुनाव से पहले राजनीतिक दलों के बीच मनोवैज्ञानिक जंग भी छिड़ी है, जिसकी बड़ी प्रयोगशाला आजमगढ़ बन रहा है। पूर्वांचल में सपा का पावर हाउस कहलाने वाले आजमगढ़ में मंत्री ओमप्रकाश राजभर के मंच पर एनडीए एकजुटता दिखाते हुए शक्ति प्रदर्शन करेगा।
29 नवंबर को सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) की सामाजिक समरसता महारैली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राजग के सभी घटक दलों के शीर्ष नेता पहुंचकर सपा समेत विरोधी दलों को बड़ा संदेश देंगे।
राजनीतिक पंडितों का कहना है कि भाजपा ने दबाव बनाने के लिए सपा को उसके सबसे मजबूत गढ़ में घेरने की रणनीति बनाया है। वहीं, इस बहाने पड़ोसी जिलों में भी एनडीए की एकता एवं मजबूती का संदेश देने का प्रयास होगा।
2022 के चुनाव में आजमगढ़ की सभी 10 सीटों पर सपा जीती थी
2017 की प्रचंड लहर में भी भाजपा की नाव आजमगढ़ की चुनावी भंवर में डूब गई थी, जहां दस में से सिर्फ एक सीट पर कमल खिला। पांच पर सपा और चार पर बसपा जीती। वर्ष 2022 के चुनाव में जिले की सभी दस सीटों पर सपा जीत गई।
झटकों से उबरने के लिए भाजपा अब सुभासपा के साथ मिलकर नए सिरे से जीत का सूत्र खोजने में जुटी है। चर्चा है कि विधान सभा चुनाव में भाजपा सहयोगी सुभासपा को आजमगढ़ की दो से तीन सीटें देगी, जबकि बाकी सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेगी।
पिछले विधान सभा चुनाव में सुभासपा ने सपा से गठबंधन किया था, लेकिन इस बार पार्टी भाजपा के साथ उतरेगी। वहीं, जिले में सुभासपा की बेहतर जमीनी पकड़ का लाभ भाजपा भी उठाने का प्रयास करेगी। सुभासपा की इस रैली के जरिए भाजपा पड़ोसी जिलों जौनपुर, मऊ, गाजीपुर और बलिया के मतदाताओं को भी अपने पाले में करने का प्रयास करेगी।
पिछले विधान सभा चुनाव में गाजीपुर की भी सभी सात सीटें सपा गठबंधन ने जीती थीं और भाजपा का खाता नहीं खुला था। बलिया, मऊ और जौनपुर में भी विपक्ष का दबदबा रहा। भाजपा को बलिया में दो, मऊ में एक और जौनपुर में दो सीटों पर जीत मिली थी। जौनपुर में भाजपा गठबंधन का प्रदर्शन इसलिए भी अपेक्षाकृत बेहतर रहा, क्योंकि इस जिले में सहयोगी अपना दल (एस) और निषाद पार्टी को भी एक सीट पर जीत मिली थी।
