यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 13, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
CM योगी ने किया नगर विकास विभाग की 11000 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास, कही ये बातें
सीएम योगी ने कहा कि नगर विकास विभाग की यह विकास परियोजनाएं केवल परियोजनाएं नहीं बल्कि पीएम के विकसित भारत ...और पढ़ें

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नगर विकास विभाग की 11000 करोड़ रुपए की 3419 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। सीएम योगी ने आकांक्षी नगर योजना के अन्तर्गत चयनित सीएम फेलोज को टैबलेट प्रदान किए।
सीएम योगी ने कहा कि नगर विकास विभाग की यह विकास परियोजनाएं केवल परियोजनाएं नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने की दिशा में बढ़ाया गया महत्वपूर्ण कदम है। विकसित भारत हम सभी का संकल्प होना चाहिए। विकसित भारत के लिए विकसित उत्तर प्रदेश आवश्यक है। विकसित उत्तर प्रदेश के लिए हमारे सभी नगर निकायों को आत्मनिर्भरता के लक्ष्य के साथ ईज ऑफ लिविंग के लक्ष्य को प्राप्त करना होगा।
सीएम योगी नगर विकास विभाग की 11000 करोड़ रुपए की 3419 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आकांक्षी नगर योजना के अन्तर्गत चयनित सीएम फेलोज को टैबलेट प्रदान किए और मुख्यमंत्री आवास योजना-शहरी की महिला लाभार्थियों को आवास की प्रतीकात्मक चाभी, शक्ति रसोई योजना से जुड़ी महिलाओं को रसोई किट, मिशन भरोसा के लाभार्थियों को आइडेन्टिटी कार्ड, अमृत मित्र योजना की महिला लाभार्थियों को पेयजल गुणवत्ता जांच किट और सीवर सफाई मित्रों को सुरक्षा किट प्रदान की। उन्होंने नगर विकास विभाग की प्रदर्शनी का अवलोकन और विभाग की पुस्तिका का विमोचन भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर विकास विभाग पहली बार इतने बड़े पैमाने पर विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया है। यहां लोकार्पित एवं शिलान्यास किये गये इन कार्यों की कुल धनराशि आज से 07 वर्ष पूर्व नगर विकास विभाग के कुल बजट का तीन गुना है। यह नये भारत का नया उत्तर प्रदेश हैए जो विकास के साथ अपनी आस्था को सम्मान और विरासत को संरक्षित करता है। नया उत्तर प्रदेश अपने युवाओं की आजीविका की व्यवस्था के साथ सुरक्षा का बेहतर माहौल प्रदान कर रहा है। प्रदेश सरकार राज्य को समृद्धि के नये सोपान की ओर अग्रसर करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नये भारत के नये उत्तर प्रदेश की गति में जब प्रदेश का हर व्यक्ति सहभागी होता हैए तो प्रधानमंत्री जी के विकसित भारत के संकल्प की पूर्ति होती है। हर भारतवासी का संकल्प होना चाहिए कि हमारा देश विकसित हो। विकसित भारत का तात्पर्य भारत के हर नागरिक के जीवन में व्यापक सकारात्मक परिवर्तन लाना है। नागरिकों को बुनियादी सुविधाओं से आच्छादित करना है।
वर्ष 2017 में प्रदेश की 24 प्रतिशत आबादी नगरीय क्षेत्रों में निवास करती थी। वर्तमान में राज्य के सभी 762 नगर निकायों में लगभग 05 करोड़ आबादी निवास कर रही है, जो आबादी का 30 प्रतिशत है। आने वाले 05 वर्षों में 40 प्रतिशत लोग नगरीय क्षेत्रों में निवास कर रहे होंगे। इस 40 प्रतिशत आबादी को बुनियादी सुविधाओं से आच्छादित करने के लिए 112 नए नगर निकायों का गठन किया गया है। कुछ नये नगर निकायों के गठन की कार्यवाही प्रदेश सरकार आगे बढ़ाने जा रही है। नगर निगमों के क्षेत्रफल को बढ़ाया गया है। 03 नये नगर निगम बनाये गये हैं। विभिन्न नगर पालिका परिमादों का गठन हुआ है। नयी नगर पंचायतें गठित की गयी हैं और उनके क्षेत्रफल का विस्तार किया गया है। नगरीय क्षेत्र में स्मार्ट सिटी मिशन एवं अमृत योजना के साथ-साथ विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जो ईज ऑफ लिविंग के लक्ष्य को प्राप्त करने में बड़ी भूमिका का निर्वहन कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले व्यक्तियों को स्मार्ट कहा जाता था, लेकिन आज प्रधानमंत्री ने सिटी को भी स्मार्ट बना दिया है। प्रदेश के सभी 17 नगर निगम स्मार्ट सिटी बन रहे हैं। 10 नगर निगम भारत सरकार के सहयोग से और शेमा 07 नगर निगम राज्य स्मार्ट सिटी मिशन के अन्तर्गत स्मार्ट बन रहे हैं। उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य हैए जो अपने सभी 17 नगर निगमों को स्मार्ट सिटी मिशन के साथ जोड़कर कार्य कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा पहला संकल्प होना चाहिए कि हम अपने क्षेत्र की साफ-सफाई और स्वच्छता में योगदान दें। सभी वॉर्डों में स्वच्छता समितियों का गठन हो और सभी जनप्रतिनिधिगण इस कार्य में अपना योगदान दें। डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन की कार्यवाही सम्पन्न हो। सभी लोग सॉलिड वेस्ट मैनेजमेन्ट के प्रयासों में सहभागी बनें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पूर्व नगरों में बुनियादी सुविधाएं अच्छी नहीं थीं। प्रदेश में पहले विधुत व्यवस्था ठीक नहीं थी। स्ट्रीट लाइटें बेहतर ढंग से कार्य नहीं करती थीं। सरकार ने निरूशुल्क 16 लाख एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगवायीं। आज राज्य में सभी नगर निकायों में एक जैसी स्ट्रीट लाइटें प्रकाशमान हो रही हैं। इन एलईडी स्ट्रीट लाइटों के परिणामस्वरूप कार्बन उत्सर्जन व विधुत खपत में कमी आयी है।
पहले शहरी क्षेत्रों में कूडे़ का अम्बार लगा रहता था। आज पहले की तुलना में साफदृसफाई की व्यवस्था बेहतर हुई हैए लेकिन फिर भी हर अच्छे कार्य में और बेहतर करने की गुंजाइश रहती है। हमें अभी से तैयारी करनी चाहिए कि हमारे शहरों में जल जमाव न होने पाये। सड़के अच्छी हों। बेहतर प्लॉनिंग के साथ अगले 05 वर्माांे की कार्ययोजना बनाकर कार्यों को आगे बढ़ाएं। हमारा लक्ष्य होना चाहिए कि हमारे नगर निकाय आत्मनिर्भर बनें। इसके लिए हमें अपने नगर निकायों की आमदनी को बढ़ाना होगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विगत 07 वर्माों में नगर विकास विभाग ने केन्द्र व राज्य सरकार के सहयोग से काफी बड़े लक्ष्यों को प्राप्त किया है। शहरी क्षेत्र में आज गरीबों को आवास प्राप्त हो रहे हैं। नगर विकास विभाग के अन्तर्गत प्रदेश में 15 लाख गरीबों को 3500 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि वितरित की जा चुकी है। राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी एवं ग्रामीण के अन्तर्गत 56 लाख गरीबों को एक-एक आवास उपलब्ध कराए गए हैं। 03 करोड़ लोगों को शौचालय की सुविधा मिली है।
राज्य के 15 करोड़ लोग नि:शुल्क राशन का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। पीएम स्वानिधि योजना के अन्तर्गत लगभग 19 लाख स्ट्रीट वेंडर लाभान्वित हो रहे हैं। 762 नगर निकायों में बिना भेदभाव शासन की योजनाओं का लाभ प्राप्त हो रहा है। आज अमृत योजना के तहत शहरी क्षेत्रों में पेयजल की सुविधा लोगों को उपलब्ध कराई जा रही है और सीवर लाइन बिछाने का कार्य भी किया जा रहा है।
केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के राज्य मंत्री श्री कौशल किशोर, प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया। इस अवसर पर नगर विकास राज्य मंत्री राकेश राठौर गुरु, राज्यसभा सांसद बृजलाल, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक नीरज बोरा, योगेश शुक्ला, अमरेश कुमार, विधान परिमाद सदस्य रामचन्द्र प्रधान, मुकेश शर्मा, मोहसिन रजा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र, प्रमुख सचिव नगर विकास अमृत अभिजात, निदेशक स्थानीय निकाय नितिन बंसल और शासनद-प्रशासन के अधिकारी उपस्थित थे।