सीएम योगी आदित्यनाथ ने विद्यार्थियों को दी छात्रवृति, बोले- स्कालरशिप मिली होती तो ओमप्रकाश राजभर नहीं बनते नेता
CM Yogi Adityanath: सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उस दौरान छात्रवृत्ति नहीं मिलने के कारण सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ठीक से पढ़ नहीं पाए।
HighLights
छात्रवृत्ति कार्यक्रम में 4.60 लाख से अधिक विद्यार्थियों के खातों में 148 करोड़ रुपये छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति
प्रदेश में 2017 से पहले एससी-एसटी विद्यार्थियों को समय पर नहीं मिलती थी छात्रवृत्ति
डिजिटल डेस्क, लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लोक भवन में छात्रवृत्ति कार्यक्रम में 4.60 लाख से अधिक विद्यार्थियों के खातों में 148 करोड़ रुपये छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि भेजी। इसके साथ ही उन्होंने घोषणा भी कि अगले महीने 50 हजार बेटियों को स्कूटी दी जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छात्रवृत्ति के महत्व का उल्लेख करते हुए मंत्री ओमप्रकाश राजभर की चुटकी भी ली। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें समय पर छात्रवृत्ति मिल गई होती तो वह पढ़-लिखकर अधिक आगे बढ़ते और शायद नेता नहीं बनते।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उस दौरान छात्रवृत्ति नहीं मिलने के कारण सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठीक से पढ़ नहीं पाए। इसके बाद भी उन्होंने काफी संघर्ष किया। ओमप्रकाश राजभर जनता की आवाज बने और बाद में मंत्री बने। उन्होंने बताया कि राजभर ने थ्री-व्हीलर और टैक्सी भी चलाई है।
50 हजार बेटियों को स्कूटी
उन्होंने कहा अगले महीने 50 हजार बेटियों को स्कूटी दी जाएगी। कन्या सुमंगला योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके तहत बेटियों को जन्म से स्नातक तक 25 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। उन्होंने पिछली सरकारों पर परिवारवाद और भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए।
चार करोड़ से अधिक छात्रों को छात्रवृत्ति
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष 69 लाख विद्यार्थियों को 6200 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति दी गई। पिछले नौ वर्षों में चार करोड़ से अधिक विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी जा चुकी है। उन्होंने मंत्री संजीव कुमार गोंड, असीम अरुण, दानिश आजाद और नरेंद्र कश्यप का उदाहरण देते हुए कहा कि ईमानदारी से प्रयास करने पर परिणाम मिलता है।
समय पर नहीं मिलती थी छात्रवृत्ति
सीएम योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि 2017 से पहले एससी-एसटी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति समय पर नहीं मिलती थी। उनके अनुसार, मामला संज्ञान में आने पर दो वर्ष की छात्रवृत्ति एक साथ दी गई। उन्होंने कहा कि अब डीबीटी के जरिये राशि सीधे विद्यार्थियों के खातों में भेजी जा रही है। आज बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों को आप देखेंगे तो वहां बालक और बालिकाओं के लिए अलग-अलग टॉयलेट, पेयजल की व्यवस्था, बेहतर फर्श, फर्नीचर, स्मार्ट क्लास और डिजिटल लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
धनाभाव में नहीं रुकेगी किसी की शिक्षा
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार की मंशा स्पष्ट है कि कोई भी छात्र धनाभाव के कारण स्कूली शिक्षा से वंचित न रहे। हर छात्र को पढ़ने का अवसर मिले, एक बेहतर प्लेटफॉर्म मिले और अच्छी सुविधाएं उपलब्ध हों। प्रदेश सरकार इस दिशा में पूरी प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्य कर रही है।
प्रवेश प्रक्रिया पूरी होते ही पात्र विद्यार्थियों को लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि अप्रैल से जुलाई के बीच प्रवेश प्रक्रिया पूरी होते ही पात्र विद्यार्थियों के खातों में छात्रवृत्ति भेजने की व्यवस्था की गई है। कोई पात्र छात्र छूटना नहीं चाहिए। उन्होंने बताया कि एससी-एसटी विद्यार्थियों के करीब चार लाख बच्चों का डाटा पोर्टल पर फीड नहीं था, जिसके बाद पोर्टल शुरू कराया गया। गत वर्ष हमने 69 लाख छात्रों को ₹6,200 करोड़ की छात्रवृत्ति का वितरण किया है। विगत नौ वर्षों में चार करोड़ से अधिक बच्चों को छात्रवृत्ति का लाभ दिया गया है। आज छात्रवृत्ति के साथ ही शुल्क प्रतिपूर्ति की भी शुरुआत हो रही है।
'नो कर्फ्यू, नो दंगा'
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब यूपी में 'नो कर्फ्यू, नो दंगा, अब सब चंगा' की स्थिति है। उन्होंने विद्यार्थियों से मेहनत करने का आह्वान किया और कहा कि परिश्रम का कोई विकल्प नहीं है।
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