यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 24, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
एक्शन में सीएम योगी आदित्यनाथ, पीएम आवास योजना को वरीयता
मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी प्रधानमंत्री आवास योजना के प्रति बेहद गंभीर हैं। इसके लिए उन्होंने इस योजना का काम नगर विकास ...और पढ़ें

लखनऊ (जेएनएन)। उत्तर प्रदेश के सीएम आदित्यनाथ योगी पद संभालने के बाद से ही एक्शन में हैं। आज लखनऊ में राज्य मंत्रियों के बाद प्रदेश के सभी प्रमुख सचिव व सचिव के साथ बैठक के बाद उन्होंने विभागों को दिशा-निर्देश भी जारी किया है।
मुख्यमंत्री ने आज लाल बहादुर शास्त्री भवन (एनेक्सी) के पंचम तल पर अपने कार्यालय में बैठक की। राज्य मंत्रियों के बाद अधिकारियों के साथ क्लास के बाद सीएम एक्शन में आ गए। उन्होंने इसके दौरान ही अब सभी कार्यालयों में उपस्थिति दर्ज कराने के लिए बायोमेट्रिक व्यवस्था लागू करने का निर्देश जारी किया।
इसके साथ ही कहा कि सभी कक्षों में सीसी टीवी कैमरे भी लगाए जाएं। सीएम ने सभी को जनता की समस्याओं का त्वरित एवं गुणात्मक निस्तारण का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी प्रधानमंत्री आवास योजना के प्रति बेहद गंभीर हैं। इसके लिए उन्होंने इस योजना का काम नगर विकास विभाग से लेकर आवास विकास विभाग को देने का निर्देश दिया है। आवास विकास विभाग मुख्यमंत्री के पास ही है।
इसके साथ ही आज उन्होंने राजकीय अस्पतालों में चिकित्सकों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने का भी निर्देश जारी किया। इस मौके पर उन्होंने सस्ती दर पर उपलब्ध होने वाली जेनेरिक दवाओं की तीन हजार दुकानें खोलने की व्यवस्था करने का निर्देश दिया।
गेहूं खरीद की मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने कहा कि गेहूं खरीद लक्ष्य को 40 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर लगभग 80 लाख मीट्रिक टन किया जाए। किसानों को सीधे लाभ पहुंचाने के लिए प्रदेश की सभी सहकारी समितियों को पुनर्जीवित करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही सूखा व बाढ़ से होने वाली जन हानि के लिए सम्बन्धित विभागों के अधिकारी को सीधी जिम्मेदारी दी गई है।
उन्होंने निर्देश दिया कि पंजीकृत दागी फर्मों एवं माफिया किस्म के ठेकेदारों का पंजीयन समाप्त कर अच्छी संस्थाओं एवं व्यक्तियों को मौका दिया जाए। प्रदेश में अब अवैध खनन की शिकायतों के लिए जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सीधे जिम्मेदार होंगे।
अपराधियों, तस्करों, भू माफिया आदि पर बिना किसी भेदभाव के सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। युवक और युवती आपसी सहमति से कहीं बैठे हैं या कहीं जा रहे हैं तो उन पर कार्रवाई कतई न की जाए। थानों एवं तहसीलों में फरियादियों के लिए बैठने एवं पानी पाने की व्यवस्था अवश्य की जाए।
प्रदेश की सभी क्षेत्रीय भाषाओं एवं संस्कृतियों के विकास के लिए कार्य किया जाना चाहिए। भाषा विभाग में राजनैतिक नियुक्तियों को तत्काल प्रतिबंधित किया जाए। इलाहाबाद, मेरठ, आगरा, गोरखपुर तथा झांसी नगरों में भी मेट्रो चलाने के लिए तेजी से डीपीआर तैयार किया जाए।
