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सीएम योगी आदित्यनाथ की अधिकारियों को दो टूक, ‘ऑफिस -ऑफिस ’ धारावाहिक की तरह कार्यालयों में न भटके आम आदमी

Published: Fri, 23 Oct 2026 06:20 PM (IST)

CM Yogi Adityanath: मुख्यमंत्री ने तीन घोषणाएं कीं। जिनमें डॉ राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी (रूपाम) ...और पढ़ें

केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा क्षमता विकास आयोग (सीबीसी) की अध्यक्ष एस. राधा चौहान

केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा क्षमता विकास आयोग (सीबीसी) की अध्यक्ष एस. राधा चौहान

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राज्य ब्यूरो, लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को उचित सलाह दी है। लोकभवन में शुक्रवार को मिशन कर्मयोगी के तहत आयोजित उत्तर क्षेत्रीय कार्यशाला में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक सक्षम, संवेदनशील और जवाबदेह बनाने के लिए सही व्यक्ति को सही पद पर तैनात करने की व्यवस्था विकसित की जाएगी।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने टीवी पर लोकप्रिय हुए एक धारावाहिक का उदाहरण दिया और कहा कि आम आदमी को अपने काम के लिए ‘ऑफिस -ऑफिस ’ धारावाहिक की तरह एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय भटकना पड़े, तो यह पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है। यह नहीं होना चाहिए। बुजुर्ग, युवा, महिला, किसान और अन्य जरूरतमंदों की समस्याओं का समाधान न हो तो लोक सेवा का उद्देश्य पूरा नहीं होता। नागरिक संतुष्टि ही लोकसेवक का रिपोर्ट कार्ड है।

अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यक्षमता, उपलब्धियों तथा सफलता को वार्षिक गोपनीय आख्या (एसीआर) और पदोन्नति से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि समस्याओं को जानबूझकर लंबित रखना या जानकारी के अभाव में उनका समाधान न कर पाना, दोनों ही स्थितियां प्रशासन के लिए गंभीर हैं। जिम्मेदार पद पर अयोग्य व्यक्ति का बैठना और लापरवाह व्यक्ति का वहां बने रहना खतरनाक है।

दायित्वों के निर्वहन में अपेक्षित गंभीरता नहीं

कर्मचारी अपने अधिकारों और पदोन्नति के प्रति सजग रहते हैं, लेकिन दायित्वों के निर्वहन में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाते। कार्मिकों की जिम्मेदारियों का स्पष्ट निर्धारण और उनके काम का मूल्यांकन जरूरी है। आम नागरिक की वास्तविक समस्या का समाधान प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।

एआई सेंटर आफ एक्सीलेंस

मुख्यमंत्री ने तीन घोषणाएं कीं। जिनमें डॉ राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी (रूपाम) को एआई सेंटर आफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा। पंचायतों और नगर निकायों के कार्मिकों की क्षमता बढ़ाने पर ध्यान दिया जाएगा और ‘राइट पर्सन फार द राइट रोल’ की अवधारणा को प्रभावी बनाया जाना शामिल है।

दायित्व समझने की क्षमता विकसित करना आवश्यक

ग्राम पंचायतों, नगर पंचायतों, नगर पालिका परिषदों और नगर निगमों के कार्मिकों का क्षमता विकास प्राथमिकता होनी चाहिए। डिग्री और नियुक्ति पत्र मिलना ही किसी को योग्य अभियंता या सक्षम अधिकारी नहीं बनाता। नई तकनीक अपनाने, परिस्थितियों के अनुरूप निर्णय लेने और दायित्व समझने की क्षमता विकसित करना आवश्यक है।

प्रशासनिक सुधारों में उत्तर प्रदेश मॉडल : डॉ जितेंद्र सिंह

केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि प्रशासनिक सुधारों के जरिए नागरिकों का विश्वास बढ़ाने वाली व्यवस्था विकसित की जा रही है। सरकारी सेवाओं को सरल, पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश ने प्रशासनिक सुधारों और क्षमता विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रदर्शन कर देश के सामने माडल प्रस्तुत किया है।

उन्होंने कहा कि मिशन कर्मयोगी में उत्तर प्रदेश का प्रथम स्थान और आइ-गाट कर्मयोगी प्लेटफार्म पर सर्वाधिक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम पूरे करना महत्वपूर्ण उपलब्धियां हैं। प्रशासन को ‘रूल बेस्ड’ दृष्टिकोण से आगे बढ़ाकर ‘रोल बेस्ड’ कार्यप्रणाली अपनानी चाहिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सुशासन और प्रशासनिक क्षमता विकास में राष्ट्रीय माडल के रूप में भूमिका निभाता रहेगा।

मुख्य सचिव एसपी गोयल ने कहा कि योजनाओं की सफलता उनकी संख्या से नहीं, बल्कि आम नागरिकों तक उनके लाभ के प्रभावी, पारदर्शी और समान वितरण से तय होती है। क्षमता निर्माण आयोग की अध्यक्ष एस. राधा चौहान ने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य पाने के लिए सक्षम, दक्ष और नागरिक-केंद्रित सिविल सेवाओं का निर्माण जरूरी है।

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