UP ने तय की बॉटलनेक से Break Through State बनने तक की ऐतिहासिक यात्रा, सीएम योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को सराहा
Sadhana Shrinkhala 2026: कार्यशाला में लोक सेवकों को आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआइ) और भारतीय ज्ञान परंपरा के समन्वय के साथ काम करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

लोक भवन में शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

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डिजिटल डेस्क, लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को लोक भवन में मिशन कर्मयोगी के तहत दो दिवसीय ‘साधना-श्रृंखला का शुभारंभ किया। डॉ. राम मनोहर लोहिया प्रशासन एवं प्रबंध अकादमी उत्तर प्रदेश तथा भारत सरकार के तत्वावधान में साधना-श्रृखंला कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यशाला में लोक सेवकों को आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआइ) और भारतीय ज्ञान परंपरा के समन्वय के साथ काम करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने ‘साधना-श्रृंखला का शुभारंभ करने के बाद अधिकारियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रशासन की सार्थकता जनमानस के जीवन में आने वाले सकारात्मक परिवर्तन से सिद्ध होती है और इस परिवर्तन के सबसे महत्वपूर्ण संवाहक हमारे लोक सेवक हैं। जब प्रशासनिक तंत्र दक्ष, संवेदनशील एवं उत्तरदायी होता है, तभी शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचता है और सुशासन का संकल्प जनकल्याण के रूप में साकार होता है।
फाइलों के निस्तारण तक सीमित नहीं लोक सेवक की सफलता
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक लोक सेवक की सफलता केवल फाइलों के निस्तारण तक सीमित नहीं है। उसकी वास्तविक सफलता तब है, जब उसके पास आने वाले बुजुर्ग, युवा, महिला, अन्नदाता किसान या किसी भी जरूरतमंद नागरिक की समस्या का समयबद्ध समाधान हो और उसके चेहरे पर संतोष दिखाई दे। तभी लोक सेवा का उद्देश्य सार्थक होता है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल टेक्नोलॉजी तेजी से शासन के स्वरूप को बदल रहे हैं। हमें अपने लोक सेवकों को इन बदलावों के अनुरूप सक्षम बनाने के लिए तैयार रहना होगा।
प्रशासनिक कार्य-संस्कृति को नई दिशा
उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पूर्व उत्तर प्रदेश सरकार की बीमार मानसिकता, और परिवारवाद, तुष्टीकरण तथा भ्रष्टाचार को प्राथमिकता ने प्रदेश की प्रशासनिक दक्षता, कार्यकुशलता और कार्य-संस्कृति को गंभीर रूप से प्रभावित किया। अपराध, माफियाराज, नीतिगत उदासीनता और पहचान के संकट ने प्रदेश की असीम संभावनाओं पर ग्रहण लगा रखा था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार मिशन कर्मयोगी जैसी पहल के माध्यम से देश की प्रशासनिक कार्य-संस्कृति को नई दिशा दे रही है।
उत्तर प्रदेश की बीमारू छवि समाप्त
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश बीमारू छवि को समाप्त करते हुए बॉटलनेक से ब्रेकथ्रू स्टेट बनने तक की एक ऐतिहासिक यात्रा तय की है। उत्तर प्रदेश अपनी प्रशासनिक, आर्थिक और संस्थागत स्ट्रक्चर को री-डिफाइन करते हुए विकास के नित्य नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। इसी परिवर्तनकारी यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए, आज लखनऊ में माननीय केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह की गरिमामयी उपस्थिति में आठ राज्यों एवं चार केंद्र शासित प्रदेशों की सहभागिता से दो दिवसीय क्षेत्रीय साधना शृंखला-2026 का शुभारंभ हो रहा है। मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस की भावना के अनुरूप कर्मयोगी उत्तर प्रदेश अंत्योदय के संकल्प को साकार करते हुए विकसित भारत के निर्माण में अपनी अग्रणी भूमिका निभाने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। इसी विश्वास के साथ साधना शृंखला-2026 की सफलता के लिए आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं।

Capacity Building के प्रयासों से मिलेगी काफी मदद
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत दो दिवसीय 'साधना श्रृंखला' के शुभारंभ में कहा कि Sādhana Shrinkhla 2026 की तीसरी क्षेत्रीय कार्यशाला हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसमें 8 राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारी एवं प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। Sādhana Shrinkhla 2026 की तीसरी क्षेत्रीय कार्यशाला के लिए लखनऊ को चुनने के लिए Capacity Building Commission के सभी पदाधिकारियों का हृदय से धन्यवाद। इससे उत्तर प्रदेश के कार्मिकों की Capacity Building के लिए किए जा रहे प्रयासों को आगे बढ़ाने में काफी मदद मिलेगी। इस कार्यशाला से उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक अधिकारियों को अन्य राज्यों के अच्छे अनुभवों से सीखने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही अन्य राज्यों से आए प्रतिनिधि भी उत्तर प्रदेश में हुए अच्छे कार्यों को जान और समझ सकेंगे।
इंसेफेलाइटिस उत्तर प्रदेश में पूरी तरह नियंत्रित
उन्होंने कहा कि जिस इंसेफेलाइटिस से 40 वर्षों में 50 हजार बच्चों की मौत हुई, उसे आज उत्तर प्रदेश ने पूरी तरह नियंत्रित कर लिया है। आज यूपी में इंसेफेलाइटिस से होने वाली मौतों की संख्या शून्य है। विगत साढ़े नौ वर्षों में हमने 65 लाख गरीब परिवारों को आवास उपलब्ध कराए हैं। 3 करोड़ से अधिक परिवारों के घरों में शौचालयों का निर्माण कराया गया है। वहीं, 15 करोड़ से अधिक लोग प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) का लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
‘हर घर जल’ योजना साकार
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि याद कीजिए, उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र में कभी ट्रेन और टैंकर से पानी पहुंचाया जाता था। आज वहां ‘हर घर जल’ योजना साकार होती दिखाई दे रही है। आज देश के कुल एक्सप्रेस-वे नेटवर्क का लगभग 60 प्रतिशत उत्तर प्रदेश में मौजूद है। भारत का सबसे बड़ा सड़क नेटवर्क, व्यापक रेल नेटवर्क और सुदृढ़ एयर कनेक्टिविटी यूपी के पास है। आज उत्तर प्रदेश में 5 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट और 17 घरेलू एयरपोर्ट सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं।
2017 में उत्तर प्रदेश के पास मात्र डेढ़ Expressway
वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश के पास मात्र डेढ़ Expressway थे। आज देश के कुल Expressway Network का 60 प्रतिशत उत्तर प्रदेश में मौजूद है। भारत का सबसे बड़ा Road, Rail और Air Connectivity Network आज उत्तर प्रदेश के पास है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की Visionary Leadership में उत्तर प्रदेश ने जो कार्य किए हैं, उनके सकारात्मक परिणाम आज आपके सामने हैं। अब उत्तर प्रदेश के नागरिकों और प्रशासनिक मशीनरी के सामने पहचान की समस्या नहीं है।
19,26000 कार्मिक iGOT Karmayogi पोर्टल पर पंजीकृत
उत्तर प्रदेश के 19 लाख 26 हजार सरकारी कार्मिक iGOT Karmayogi पोर्टल पर पंजीकृत हैं और अब तक लगभग 4 करोड़ प्रशिक्षण पाठ्यक्रम पूरे कर चुके हैं। प्रदेश के 334 से अधिक प्रशिक्षण संस्थान उन्नति पोर्टल से जुड़े हैं। हमारी यात्रा यहीं समाप्त नहीं होती। प्रशिक्षण की वास्तविक सफलता प्रमाण पत्रों की संख्या से नहीं, बल्कि बेहतर निर्णयों, सरल प्रक्रियाओं और नागरिकों को मिली बेहतर सेवाओं में दिखाई देनी चाहिए।
