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योगी सरकार की 'अभ्युदय' योजना ने फिर रचा इतिहास, UP-PCS 2024 में चमके सरकारी कोचिंग के सितारे

Published: Thu, 02 Apr 2026 09:20 PM (IST)

उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना ने यूपीपीसीएस 2024 के परिणामों में अपनी सफलता साबित की है। हर्ष सिंह ने ...और पढ़ें

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HighLights

  1. अभ्युदय योजना ने यूपीपीसीएस 2024 में सफलता दिलाई।

  2. हर्ष सिंह डीएसपी, नमन तिवारी नायब तहसीलदार बने।

  3. आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को मुफ्त कोचिंग मिली।

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार द्वारा संचालित 'मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना' एक बार फिर प्रदेश के युवाओं के लिए सफलता की मजबूत आधारशिला बनकर उभरी है। हाल ही में घोषित यूपीपीसीएस (UP-PCS) 2024 के परिणामों ने सिद्ध कर दिया है कि यदि सही मार्गदर्शन और समान अवसर मिले, तो प्रदेश का युवा बड़े से बड़ा लक्ष्य हासिल कर सकता है। चयनित अभ्यर्थियों ने अपनी सफलता का श्रेय इस महत्वाकांक्षी योजना को देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन की सराहना की है।

7वीं रैंक के साथ हर्ष बने डिप्टी एसपी

रायबरेली के हर्ष सिंह ने यूपीपीसीएस 2024 में शानदार प्रदर्शन करते हुए 7वीं रैंक हासिल की है और उनका चयन डिप्टी एसपी (DSP) के पद पर हुआ है। हर्ष बताते हैं कि अभ्युदय योजना ने उन्हें तैयारी के हर चरण, विशेषकर मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू (साक्षात्कार) के दौरान सटीक मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने इस पहल को "महत्वाकांक्षी और परिवर्तनकारी" बताते हुए कहा कि यह योजना प्रतिभाशाली युवाओं को उनके सपनों तक पहुँचाने का सबसे सुलभ मंच है।

नमन तिवारी: महंगी कोचिंग का सशक्त विकल्प

उन्नाव के नमन तिवारी, जिनका चयन नायब तहसीलदार के पद पर हुआ है, ने योजना को उन छात्रों के लिए वरदान बताया जो महंगी कोचिंग का आर्थिक बोझ नहीं उठा सकते। नमन के अनुसार, अभ्युदय योजना की विशेषज्ञ फैकल्टी ने उन्हें परीक्षा के कठिन पैटर्न को समझने और प्रभावी रणनीति बनाने में काफी मदद की। सिलेबस की जटिलताओं को आसान बनाने में इस मुफ्त कोचिंग सेंटर की भूमिका निर्णायक रही है।

पिछड़े वर्ग और आर्थिक कमजोरों के लिए सहारा

अमरोहा के विजेंद्र सिंह (741वीं रैंक) ने अभ्युदय योजना को आर्थिक रूप से कमजोर और पिछड़े वर्ग के छात्रों के लिए एक बड़ी राहत बताया है। उन्होंने विशेष रूप से योजना के तहत मिलने वाली आवासीय सुविधाओं और बेहतर शैक्षणिक माहौल की चर्चा की। विजेंद्र के अनुसार, सरकार की इस पहल ने न केवल कोचिंग की बाधा को दूर किया है, बल्कि छात्रों को बड़े सपने देखने और उन्हें हकीकत में बदलने का साहस भी दिया है।