अब किचन में नहीं सड़ेंगे नींबू, 14 दिनों तक फ्रेश रखने का जान लें सबसे प्राकृतिक तरीका
लखनऊ विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने नींबू को लंबे समय तक ताजा रखने का प्राकृतिक तरीका खोजा है।

प्रतीकात्मक तस्वीर।
HighLights
लखनऊ विवि ने नींबू संरक्षण का प्राकृतिक उपाय खोजा।
लौंग और लेमनग्रास तेल फफूंद रोकने में प्रभावी।
उपचारित नींबू 14 दिन तक सड़न-मुक्त रहे।
जागरण संवाददाता, लखनऊ। नींबू को लंबे समय तक ताजा रखने की दिशा में लखनऊ विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने प्राकृतिक उपाय खोजा है। शोध में लौंग और लेमनग्रास के आवश्यक तेलों ने नींबू में फफूंद की वृद्धि रोकने में प्रभावी परिणाम दिखे।
प्रयोगशाला में इन तेलों से उपचारित नींबुओं में 14 दिन बाद तक सड़न के कोई लक्षण नहीं मिले। वनस्पति विज्ञान विभाग के प्रो. प्रदीप कुमार और जैव रसायन विभाग की डॉ. मधु कमले के साथ शोधार्थी चिकांशी शर्मा, रितुराज बोरा और पूर्णमश्री गोगोई ने अध्ययन किया, जिसे जर्नल आफ फूड प्रोसेसिंग एंड प्रिजर्वेशन में प्रकाशित किया गया है।
नींबू का उपयोग घरों, रेस्तरां और खाद्य उद्योगों में बड़े पैमाने पर किया जाता है। हालांकि, भंडारण और परिवहन के दौरान इनमें हरे रंग की फफूंद लग जाती है।
प्रयोगशाला परीक्षणों में दोनों तेलों ने फफूंद की वृद्धि को रोकने में प्रभावी परिणाम दिखाए। नींबू में हरे रंग की फफूंद पैदा करने वाले पेनिसिलियम डिजिटेटम पर पौधों से प्राप्त आवश्यक तेलों के प्रभाव का परीक्षण किया गया।

प्रयोगशाला में लौंग के तेल से फफूंद की वृद्धि में लगभग 89.81 प्रतिशत और लेमनग्रास के तेल से 76.69 प्रतिशत तक कमी दर्ज की गई। इसके बाद फफूंद के संपर्क में लाए गए नींबुओं पर भी इन तेलों का परीक्षण किया गया। परिणामों के अनुसार, लौंग के तेल की 1500 पीपीएम और लेमनग्रास के तेल की 2000 पीपीएम सांद्रता से उपचारित नींबुओं में 14 दिन बाद तक सड़न के दिखाई देने वाले लक्षण नहीं मिले।
