लखनऊ, जागरण संवाददाता। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के ट्रामा सेंटर में आए हर मरीज को जल्दी इलाज की जरूरत होती है। इस बीच किसी एक मरीज को प्राथमिकता देने को लेकर चिकित्सकों पर दबाव डालना तीमारदारों के लिए एक चलन सा बन गया है।

रविवार को भी एक ऐसा मामला सामने आया जिसमें सीतापुर से आए मरीज के इलाज को लेकर रेजिडेंट और तीमारदारों के बीच झड़प हो गई। परिजन जबरदस्ती कैजुअल्टी में भर्ती मरीजों और चिकित्सकों का वीडियो बनाने लगे और विरोध पर सीनियर रेजिडेंट से मारपीट भी की।

सीतापुर के सिधौली के नरोत्तम नगर से आए मरीज छोटे लाल अवस्थी गंभीर हालत में केजीएमयू ट्रामा सेंटर में रेफर किए गए थे। रविवार की दोपहर लगभग 3:30 बजे मरीज को ट्रामा सेंटर के कैजुअल्टी में लेकर आया गया था। ट्रामा सेंटर में भीड़ अधिक होने के कारण चिकित्सकों ने कुछ समय के लिए इंतजार करने के लिए कहा।

इस पर उनके बेटे अमरदीप और रतनदीप अवस्थी कैजुअल्टी में डाक्टरों और मरीजों का वीडियो बनाने लगे। सीनियर रेजिडेंट के मना करने पर तीमारदार गाली गलौज कर अभद्रता करने लगे। रेजीडेंट्स के विरोध पर वे मारपीट पर उतारू हो गये। मौजूद रेजिडेंट्स और चिकित्सकों की सहायता से बीच बचाव किया गया।

केजीएमयू के प्राक्टर डा. क्षितिज श्रीवास्तव ने बताया कि अमरदीप और रतनदीप के खिलाफ चौक कोतवाली में चिकित्सकों के साथ मारपीट और अभद्रता करने के मामले में तहरीर दे दी गई है। पुलिस प्रशासन ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।

केजीएमयू के प्रवक्ता डा. सुधीर सिंह ने बताया कि इमरजेंसी में आए हर मरीज की अपनी निजता होती है। उनका वीडियो बनाना न केवल उनकी निजता का हनन है, बल्कि दंडनीय अपना अपराध भी है। डाक्टरों ने जब तीमारदारों को वीडियो बनाने से मना किया तो उन्होंने डाक्टर के साथ मारपीट की इसलिए उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है।

Edited By: Vrinda Srivastava

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