लखनऊ, राज्य ब्यूरो। इंजीनियरिंग की पृष्ठभूमि से जुड़े भारतीय प्रशासनिक सेवा (आइएएस) और भारतीय वन सेवा के (आइएफएस) प्रशिक्षु अधिकारी भेंट करने आए तो उन्हें मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने उन्हीं के अंदाज में कार्यशैली समझाई। कहा कि एक इंजीनियर 'मशीन बेस्ड साल्यूशन' है और सिविल सर्विस अधिकारी 'ह्यूमन बेस्ड साल्यूशन' होता है।

प्रशिक्षु आइएएस और आइएफएस ने मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र से की मुलाकात

  • मुख्य सचिव से मिलने मंगलवार को आइएएस 2021 बैच और आइएफएस 2018 व 2019 बैच के 23 प्रशिक्षु अधिकारी मिलने पहुंचे।
  • इनमें ज्यादातर प्रशिक्षु अधिकारी इंजीनियरिंग क्षेत्र से जुड़े थे। इनसे परिचय प्राप्त करने के बाद मुख्य सचिव ने कहा कि इंजीनियर समाधान खोजक होता है। किसी भी कठिन परिस्थिति में एक इंजीनियर समाधान निकाल लेता है। उन्होंने सिविल सर्विस और इंजीनियर के अंतर के बारे में भी बताया। साथ ही कहा कि अपने निर्णयों में यह जरूर देखना चाहिए कि वह देश की एकता और अखंडता में कहीं रुकावट तो पैदा नहीं करेगा।
  • इसके अलावा सेवा के दौरान जनसामान्य के जीवन में बदलाव लाने व सुगमता लाने का प्रयास करना चाहिए। सरकार से मिलने वाले लाभों के लिए जनता को जिद्दोजहद न करनी पड़े, इसके लिए सकारात्मक वातावरण बनाना व्यवस्था की जिम्मेदारी है।

अपने पिता से ली गई सीख का उदाहरण देते हुए दुर्गा शंकर मिश्र ने कहा कि अगर कुछ देना हो तो दिल खोलकर देना, अगर किसी का नुकसान करना हो तो सोच-समझकर करना। अगर किसी को दंडित करना हो तो निर्भय होकर दंडित करना। बैठक में उपाम के महानिदेशक एल. वेंकटेश्वर लू, निदेशक नीना शर्मा, अपर निदेशक महेन्द्र वर्मा, उपनिदेशक पूर्णिमा सिंह समेत अन्य अधिकारी शामिल हुए।

Edited By: Prabhapunj Mishra

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