लखनऊ, जेएनएन। लोहिया संस्थान के निरीक्षण के दूसरे दिन ही सीएम योगी गुरुवार को सिविल अस्पताल का औचक निरीक्षण करने पहुंच गए। सुबह करीब 10.40 बजे वह सिविल अस्पताल पहुंचे। सबसे पहले वह इमरजेंसी वार्ड का निरीक्षण करने के लिए आगे बढ़े। वहां मौजूद डॉक्टरों ने भारत सरकार की कोविड-19 गाइडलाइन के तहत मुख्यमंत्री का थर्मल स्कैनर से तापमान नापा और फिर उनका हाथ सैनिटाइज कराया। इसके बाद सीएम ने इमरजेंसी वार्ड का निरीक्षण किया। फिर वह हाल में बैठे मरीजों के तीमारदारों से अस्पताल में मिल रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली।

बुजुर्ग महिला के मुंह पर मास्क नहीं होने पर सीएम ने डॉक्टरों से मास्क देकर उनका परीक्षण करने को कहा। फिर वह आइसोलेशन वार्ड की ओर बढ़ चले, जिसमें सात-आठ मरीज भर्ती थे। उन्होंने साइकेट्रिक व सर्जरी ओपीडी भी देखा। ऑपरेशन थिएटर की व्यवस्था का जायजा लिया। ड्यूटी से कुछ डॉक्टरों के गायबर रहने पर सीएम ने नाराजगी जताई। उन्होंने जाने से पहले अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिया कि मरीजों को कोई तकलीफ नहीं होनी चाहिए। समस्त सरकारी सुविधाओं का लाभ उन्हें दिया जाए। डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी नियत समय पर अस्पताल पहुंचें

सीएम की नाराजगी के बाद अस्पताल के निदेशक डॉ. डीएस नेगी ने डॉक्टरों से अनुपस्थित रहने का कारण नोटिस देकर पूछा है। हालांकि उन्होंने  दावा किया कि सीएम योगी व्यवस्थाओं से संतुष्ट नजर आए। मुख्यमंत्री ने धीरे-धीरे अस्पताल की अन्य सुविधाओं को खोलने की बात कही। इमरजेंसी से लेकर अस्पताल के सभी प्रमुख वार्डों व विभागों का निरीक्षण किया। एमएस डॉ. आशुतोष दुबे ने बताया कि अस्पताल की मौजूदा व्यवस्था को उन्होंने अनुकूल पाया। भविष्य में भी इसी तरह की साफ-सफाई व शारीरिक दूरी का पालन करते रहने का निर्देश दिया। कहा मरीजों की देखभाल कायदे से होती रहनी चाहिए। 

Posted By: Anurag Gupta

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