लखनऊ, राज्य ब्यूरो। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि उनकी सरकार के कार्यकाल में जिस पारदर्शिता से सवा चार लाख भर्तियां हुईं और बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों के कायाकल्प के साथ उनमें शैक्षिक सुधार हुआ, उससे विपक्षी दल भयभीत हैं। उन्हें लगता है कि गरीबों के बच्चे पढ़कर आगे बढ़ेंगे तो जातिवाद, क्षेत्रवाद, वंशवाद और भ्रष्टाचार पर आधारित उनकी राजनीति बंद हो जाएगी। भर्तियों में शुचिता से बुरा उन लोगों को भी लग रहा है जिनकी अवैध कमाई का जरिया बंद हो गया है। इसलिए विपक्षी दल युवाओं को गुमराह करने में लगे हैं।

योगी परिषदीय विद्यालयों में 69000 शिक्षकों की भर्ती के तीसरे चरण में बचे हुए 6696 पदों पर चयनित अभ्यर्थियों के नियुक्ति पत्र वितरण समारोह को शुक्रवार को संबोधित कर रहे थे। लोकभवन में आयोजित इस कार्यक्रम में 250 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। इनमें से 10 अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री ने खुद नियुक्ति पत्र प्रदान किए। शेष चयनित अभ्यर्थियों को जिलों में प्रभारी मंत्री और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में नियुक्ति पत्र बांटे गए।

चोर की दाढ़ी में तिनका : भर्तियों में पारदर्शिता और आरक्षण के नियमों के पालन पर विपक्ष के हो-हल्ले को योगी ने 'चोर की दाढ़ी में तिनका' करार दिया। कहा कि जब भर्तियां निकलती थीं तो प्रदेश के कुछ गैंग झोला लेकर कमाई के लिए निकलते थे। कुछ खानदान ऐसे थे जिनकी आजीविका भर्तियों पर निर्भर थी। ऐसे लोगों को मालूम है कि यदि आज वे झोला लेकर निकलेंगे तो हमारी एजेंसियां सतर्क हैं। हमने उनके लिए जेल भी खाली करवाई हैं।

दयनीय विभाग, बेफिक्र पिछली सरकारें : मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों की स्थिति अत्यंत दयनीय थी। पूरा विभाग ट्रांसफर-पोङ्क्षस्टग और ऐसी तमाम गतिविधियों में लिप्त था जो शिक्षा के लिए कलंक थीं, लेकिन पिछली सरकारें बेफिक्र थीं। आपरेशन कायाकल्प के जरिये प्रदेश के 1.2 लाख स्कूलों को संवारा गया।

सवा चार लाख युवाओं को दीं नौकरियां : योगी ने कहा कि चार साल, चार महीने के कार्यकाल में हमारी सरकार ने सवा चार लाख युवाओं को नौकरियां दी हैं जिनमे से एक पर भी कोई संदेह नहीं कर सका। डेढ़ लाख भर्तियां शिक्षा से जुड़े विभागों में हुई हैं जिनमें से बेसिक शिक्षा विभाग में 1.23 लाख शिक्षक भर्ती किये गए हैं। एक और परीक्षा होने जा रही है जिसमें आवेदकों की संख्या 30 लाख है। इसमें ऐसी व्यवस्था होगी कि कहीं तिनका भी नहीं हिलेगा।

निवेश के जरिये 1.61 करोड़ नौजवानों को रोजगार : बकौल योगी, कानून का राज स्थापित होने से प्रदेश में निवेश बढ़ा है। निवेश के माध्यम से प्रदेश में 1.61 करोड़ नौजवानों को रोजगार मिला है। इसमें एक जिला, एक उत्पाद योजना की बड़ी भूमिका रही है। देश में सर्वे हुआ तो सबसे कम बेरोजगारी उप्र में मिली।

ट्रांसफर पोस्टि‍ंग में न उलझिए : नियुक्ति पत्र पाने वाले शिक्षकों को उन्होंने नसीहत दी कि ट्रांसफर-पोङ्क्षस्टग की सिफारिश में उलझ कर अपने होनहार भविष्य को आगे बढ़ाने में खुद बाधक न बनिए। उनसे कहा कि जो ईमानदारी सरकार ने आपकी भर्ती में दिखाई है, उतनी ही ईमानदारी और प्रतिबद्धता आप समाज के प्रति दिखाइए। उन्होंने शिक्षकों का आह्वान किया कि वे ग्राम पंचायत के हर घर से जुड़े और गांव के सभी बच्चों का ब्योरा जुटाकर उन्हें शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ें।

कोरोना काल में बच्चों को पढ़ाने की वैकल्पिक व्यवस्था खोजें : कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से बच्चों को पढ़ाने की कोई वैकल्पिक व्यवस्था खोजने का आग्रह किया। कहा कि हमें शिक्षा की प्रक्रिया को बाधित नहीं होने देना है वरना आने वाली पीढ़ी हमें माफ नहीं करेगी।

तैयार किया जा रहा यूपी बोर्ड का रिजल्ट : उप मुख्यमंत्री डा.दिनेश शर्मा ने शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों में सरकार की उपलब्धियां गिनाने के साथ बताया कि यूपी बोर्ड हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के रिजल्ट तैयार किये जा रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जतायी कि जल्द ही अगला सत्र सामान्य तरीके से शुरू हो सकेगा।

बाधा खड़ी करने वालों के मंसूबे नाकाम : बेसिक शिक्षा मंत्री डा. सतीश चंद्र द्विवेदी ने कहा कि कुछ लोग शिक्षक भर्ती में बाधा खड़ी करना चाहते थे, लेकिन सरकार ने उनके मंसूबे नाकाम करते हुए कोरोना काल की विषम परिस्थितियों में पारदर्शिता के साथ 69000 शिक्षकों की भर्ती पूरी की।

वनटांगिया गांवों में भी बन रहे स्कूल : प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा दीपक कुमार ने बताया कि 2020-21 में गोरखपुर के सात वनटांगिया गांवों में से पांच में प्राथमिक और दो में उच्च प्राथमिक स्कूलों का निर्माण पूरा हो चुका है। महाराजगंज के 26 वनटांगिया गांवों में से 19 में प्राथमिक और सात में उच्च प्राथमिक स्कूलों का निर्माण जारी है।

Edited By: Anurag Gupta