लखनऊ [राज्य ब्यूरो]। उत्तर प्रदेश कांग्रेस का वरिष्ठ पर्यवेक्षक बनाये जाने के बाद छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सूबे में पार्टी के मिशन 2022 को धार देने लगे हैं। वह पिछड़ों, दलितों और किसानों को साधने की मुहिम में जुट गए हैं। इसके लिए फिलहाल उन्होंने बिना किसी शोर-शराबे के गोटियां बिछाना शुरू कर दिया है। कुर्मी बिरादरी से ताल्लुक रखने वाले बघेल को कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में पिछड़ी जातियों को साधने के मकसद से ही आगे किया है। उन्होंने पिछड़ी और दलित जातियों के सामाजिक संगठनों को पार्टी के पक्ष में लामबंद करने के प्रयास शुरू कर दिए हैं।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राजधानी लखनऊ सोमवार को एक होटल में जहां कुर्मी बिरादरी के सामाजिक संगठनों और किसान संगठनों के प्रतिनिधियों से विस्तार से चर्चा की, वहीं मंगलवार को अनुसूचित जाति से ताल्लुक रखने वाली कोरी बिरादरी के संगठनों के साथ उन्होंने विधानसभा चुनाव को लक्ष्य कर मंथन किया।

सोमवार को भूपेश बघेल ने भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों और कुर्मी महासभा व क्रांति मंच जैसे कुर्मी बिरादरी के विभिन्न संगठनों के साथ चुनावी चर्चा की। उन्होंने संगठनों के पदाधिकारियों से कहा कि यदि कुर्मी समाज कांग्रेस के साथ जुड़ता है तो उसे जो सम्मान मिलेगा, वह भाजपा नहीं दे पाएगी। संगठनों के पदाधिकारियों की ओर से मांग की गई कि कुर्मी बहुल क्षेत्र से बिरादरी के लोगों को टिकट दिये जाएं। भूपेश बघेल ने उन्हें इसका आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंगलवार को कोरी बिरादरी के संगठनों को कांग्रेस के पाले में लाने की कोशिश की। कांग्रेस के प्रदेश महासचिव जयकरन वर्मा ने बताया कि आने वाले दिनों में बघेल के कार्यक्रम मीरजापुर, कौशांबी, शाहजहांपुर, श्रावस्ती और अंबेडकरनगर जैसे जिलों में आयोजित करने की योजना है।

Edited By: Umesh Tiwari