योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला: छाता चीनी मिल में लगेगा ड्यूल मोड एथेनॉल प्लांट, 19 साल बाद फिर लौटेगी रौनक
कैबिनेट ने मथुरा की बंद पड़ी छाता चीनी मिल में ड्यूल मोड एथेनॉल प्लांट लगाने को मंजूरी दी है, जिससे हर साल 3.96 करोड़ लीटर एथेनॉल का उत्पादन होगा।

HighLights
छाता चीनी मिल में ड्यूल मोड एथेनॉल प्लांट की स्थापना।
हर साल 3.96 करोड़ लीटर एथेनॉल का उत्पादन होगा।
गन्ने की उपलब्धता बढ़ने पर चीनी मिल भी होगी शुरू।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। लंबे समय से बंद पड़ी मथुरा की छाता चीनी मिल में अब एथेनाल प्लांट (संयंत्र) की स्थापना की जाएगी। डुअल मोड आधारित इस प्लांट में मक्का, धान और गन्ना, तीनों से एथेनाल बनाया जा सकेगा। इसमें प्रति वर्ष 3.96 करोड़ लीटर एथेनाल का उत्पादन होगा। मंगवार को कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा इसी माह इसका शिलान्यास किए जाने की संभावना है।
गन्ना विकास मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण ने इस निर्णय की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छाता चीनी मिल का संचालन पिछले 19 वर्षों से बंद है। वर्ष 2002 से 2007 के बीच सपा सरकार के समय गन्ना मूल्य का एक रुपये का भी भुगतान नहीं किया गया था, जिसके कारण यह मिल बंद हो गई थी।
अब राज्य चीनी निगम लिमिटेड के अधीन इस चीनी मिल में कंसेशन-कम-लीज व्यवस्था के माध्यम से डुअल मोड आधारित एथेनाल प्लांट स्थापित कराने का निर्णय लिया गया है।
डुअल मोड एथेनाल प्लांट एक ऐसी आधुनिक डिस्टिलरी है जो दो अलग-अलग प्रकार के कच्चे माल (जैसे शीरा और अनाज) से एथेनाल का उत्पादन कर सकती है। स्थापना के बाद वर्ष में 11 महीने यह प्लांट संचालित होगा। इसकी न्यूनतम उत्पादन क्षमता 120 किलो लीटर प्रतिदिन की होगी।
बिजली उत्पादन को लगेगा को-जेन प्लांट
मिल की 20 एकड़ भूमि पर निजी निवेश के माध्यम से इस संयंत्र की स्थापना की जाएगी। मंत्री ने बताया कि जैसे ही क्षेत्र में गन्ने की उपलब्धता बढ़ेगी, चीनी मिल शुरू होगी और बिजली उत्पादन के लिए को-जेनरेशन प्लांट भी लगाया जाएगा।
छाता चीनी मिल राष्ट्रीय राजमार्ग पर है और यहां से नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट केवल 40 मिनट की दूरी पर है। मिल के पास 96 एकड़ जमीन है। ऐसे में इस प्रोजेक्ट में गोदाम-काम्प्लेक्स आदि की भी संभावनाएं हैं। इससे हजारों लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। योजना पर 200 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
पेराई सत्र 2026-27 के लिए तीन चीनी मिलों को शासकीय गांरटी
कैबिनेट ने मोहिउद्दीनपुर मेरठ, पिपराईच गोरखपुर और मुंडेरवा बस्ती चीनी मिल को पेराई सत्र 2026-27 के लिए शासकीय गारंटी के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी है।
इसमें मोहिउद्दीनपुर चीनी मिल को 150 करोड़ रुपये और पिपराईच व मुंडेरवा चीनी मिल को 100-100 करोड़ रुपये की शासकीय गारंटी दी गई है। इससे अब इन चीनी मिलों को बैंक से ऋण लेने में सुविधा होगी और किसानों को समय से गन्ना मूल्य भुगतान किया जा सकेगा।
