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चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे को कैबिनेट की हरी झंडी, 1008 करोड़ होंगे खर्च, पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा

Published: Tue, 15 Sep 2026 08:28 PM (IST)

कैबिनेट ने चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे के संशोधित प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह 15.17 किमी लंबा छह लेन का ...और पढ़ें

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HighLights

  1. कैबिनेट ने चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे के संशोधित परियोजना प्रस्ताव को मंजूरी दी।

  2. 15.17 किमी लंबा छह लेन का एक्सप्रेसवे 1008.67 करोड़ रुपये में बनेगा।

  3. बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से चित्रकूट धाम तक सीधी कनेक्टिविटी, पर्यटन को बढ़ावा।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। चित्रकूट धाम की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए प्रस्तावित चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है।

कैबिनेट की बैठक में 15.17 किलोमीटर लंबे छह लेन के प्रवेश नियंत्रित ग्रीनफील्ड चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे को विकसित किए जाने के लिए संशोधित परियोजना के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। इस लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण पर 1008.67 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

यह एक्सप्रेसवे बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के प्रारंभिक बिंदु से चित्रकूट धाम तक बनाया जाएगा। परियोजना के निर्माण पर होने वाला पूरा व्यय राज्य सरकार वहन करेगी। निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था के चयन की प्रक्रिया वैश्विक निविदा के माध्यम से की जाएगी।

धार्मिक और पर्यटन गतिविधियों को लाभ की उम्मीद

इस लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण का सबसे बड़ा लाभ धार्मिक और पर्यटन गतिविधियों को मिलने की उम्मीद है। चित्रकूट धाम देश के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों में शामिल है। वर्तमान में यहां आने वाले यात्रियों को विभिन्न मार्गों से होकर पहुंचना पड़ता है।

लिंक एक्सप्रेसवे के बनने के बाद बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से सीधे चित्रकूट धाम तक सुगम यातायात संपर्क उपलब्ध हो सकेगा। परियोजना पूरी होने पर चित्रकूट आने वाले यात्रियों के आवागमन का समय कम होगा। इससे चित्रकूट और आसपास के क्षेत्रों में स्थानीय व्यापार के साथ पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

14 हजार से अधिक परिषदीय विद्यालय बनेंगे स्मार्ट

राज्य ब्यूरो। प्रदेश के 14,429 परिषदीय प्राथमिक विद्यालय स्मार्ट स्कूल के रूप में विकसित किए जाएंगे। कैबिनेट बैठक में इसके प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी गई। योजना पर 300 करोड़ रुपये खर्च होंगे। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि एक विद्यालय में स्मार्ट क्लास तैयार करने पर 2,07,910 रुपये खर्च होंगे।

स्मार्ट क्लास में बच्चों को पढ़ाई के लिए आधुनिक डिजिटल सुविधाएं मिलेंगी। इसमें इंटरैक्टिव फ्लैट पैनल, पावर बैकअप, इलेक्ट्रिकल व सुरक्षा उपकरण, आडियो-विजुअल सामग्री, लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम, डिजिटल एजुकेशन कंटेंट, सुरक्षा साफ्टवेयर, वाई-फाई कनेक्टिविटी और हेल्प डेस्क की व्यवस्था होगी। इसके तहत अधिक नामांकन वाले विद्यालयों में चरणबद्ध तरीके से स्मार्ट क्लास और आइसीटी लैब स्थापित करने की व्यवस्था है।

स्मार्ट क्लास शुरू होने से परिषदीय स्कूलों में पारंपरिक पढ़ाई के साथ डिजिटल माध्यम का इस्तेमाल बढ़ेगा। शिक्षक वीडियो, चित्र और अन्य डिजिटल सामग्री के जरिये कठिन विषयों को बच्चों को आसानी से समझा सकेंगे। इससे पढ़ाई अधिक रुचिकर और प्रभावी होने की उम्मीद है।