यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 07, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सावधान! उत्तर प्रदेश में खूब बिक रहा है केमिकल दूध, सेहत के लिए बेहद खतरनाक; पशुधन मंत्री ने चेताया
उत्तर प्रदेश में बिकने वाला केमिकल दूध आपके स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है। पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने इस ...और पढ़ें

HighLights
- उत्तर प्रदेश में केमिकल दूध ज्यादा बिक रहा है : धर्मपाल सिंह
- 63 किसानों को गोकुल और 44 को प्रदान किया नन्द बाबा पुरस्कार
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। पशुओं के चरागाह का रकबा कम होने पर चिंता जताते हुए पशुधन व दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि आज किसान फसल और सब्जी उगाने में सर्वाधिक कीटनाशक का उपयोग कर रहे हैं। इससे कैंसर जैसे रोग हो रहे हैं। इतना ही नहीं उत्तर प्रदेश में केमिकल दूध ज्यादा बिक रहा है। दूध में पानी मिलाना तो कोई बात नहीं, लेकिन केमिकल सीधे स्वास्थ्य पर असर डालते हैं।
वह शुक्रवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में 66 पशुपालकों को गोकुल और 44 को नन्दबाबा पुरस्कार प्रदान कर रहे थे। मंत्री ने आगे कहा कि देशी गाय का दूध अमृत है। हम लोग देशी नस्ल की गायों को संरक्षित और सुरक्षित रखे। खेती और पशु एक दूसरे के पूरक हैं।
यूपी में चारे का रकबा न के बराबर
चारे का रकबा अन्य प्रदेशों की तुलना में उत्तर प्रदेश में नहीं के बराबर है। हरियाणा, पंजाब, गुजरात सहित कई राज्यों में चारे का रकबा उत्तर प्रदेश से ज्यादा है। गौशाला, पाठशाला, व्यायामशाला, यज्ञशाला गांव का पूरा जीवन था। तब सभी संपन्न थे, स्वस्थ थे, गरीबी थी ही नहीं। प्रदेश ने मांस के उत्पादन में भी अच्छी प्रगति है।
मछली पालन, मुर्गी पालन, सूअर पालन और बकरी पालन के लिए सरकार की कई कल्याणकारी योजनाएं हैं। आज प्रतिदिन उत्तर प्रदेश में एक करोड़ अंडे का उत्पादन होता है। जबकि रोजाना तीन करोड़ अंडे की मांग है।इस कारण पंजाब से प्रतिदिन दो करोड़ अंडा मंगवाना पड़ता है। आंध्र प्रदेश सबसे ज्यादा अंडे का उत्पादन करता है।
ई होली मनाए: मंत्री
डेंगू के समय बकरी का दूध 400 रुपए प्रति किलो में मिलता है। मंत्री ने कहा कि इस बार ई होली मनाए। गाय के गोबर से बने उपले से होली जलाएं। हर गौशाला से पांच रुपए प्रति कंडे की दर से 100 कंडे लाएं। इससे जहां पर्यावरण शुद्ध होगा।
वहीं, 500 रुपये गौशालाओं को मिलेंगे। प्रदेश सरकार ने पशुधन विभाग को बहुत बजट दिया है। अब गौ संरक्षण केंद्र चारदीवारी के साथ बनेंगे। जिससे गाय भीतर ही सुरक्षित रह सकें। इस बात दूध दुहने और कृत्रिम गर्भाधान का प्रशिक्षण देने के लिए भी बजट मिला है।
