लखनऊ, जेएनएन। कर्बला के 72 शहीदों के 40वें पर पुराने लखनऊ में  चेहल्लुम का जुलूस निकला। विक्टोरिया स्ट्रीट स्थित इमामबाड़ा नाजिम साहब से चेहल्लुम का जुलूस शुरू हुआ। जुलूस से पहले इमाम ए जुमा मौलाना कल्बे जवाद ने मजलिस को खिताब किया। मजलिस के बाद जुलूस के निकलने का सिलसिला शुरू। जुलूस में करीब 200 मातमी अंजुमन अपने अलम मुबारक के साथ नोहाख्वानी और सीनाजनी करते कर्बला तालकटोरा की ओर कदम बढ़ाते चले। 

जुलूस अपने निर्धारित मार्ग विक्टोरिया स्ट्रीट, नक्खास तिराहा, टुडियागंज, हैदरगंज व बुलाकी अड्डा होता हुआ कर्बला तालकटोरा पहुंचकर संपन्न होगा। जुलूस में शामिल अजादारों के लिए तुरियागंग में महिलाओं ने लगाई सबील, चाय और टोस्ट बाटा।

चेहल्लुम के एक दिन पहले शनिवार को पुराने शहर में मजलिस-मातम का दौर देर रात तक जारी रहा। अंजुमन असगरे बेशीर की ओर से फिरोजी मस्जिद में मौलाना नदीम जैनपुरी ने मजलिस पढ़ी। मजलिस के बाद काफिला-ए-बनी असद का मंजर पेश किया गया।

अजादारों ने अलम, झूला, ताबूत व जुलजनाह सहित अन्य शबीह-ए-मुबारक की जियारत कर आंसुओं का नजराना पेश किया। इसके बाद हजरत कासिम हाल में महिलाओं की मजलिस को जाकिरा फरीन फातिमा ने खिताब किया। महिलाओं को शबीह-ए-मुबारक की जियारत कराई गई। 

उधर, इसी तरह मेहंदीगंज स्थित वक्फ कर्बला अजमतुद्दौला में आग पर मातम किया गया। मौलाना शफीक हुसैन शफक ने मजलिस पढ़ी। इसके बाद अजादारों ने नंगे पैर अंगारों पर चलकर आग का मातम किया। पूरी रात मातमी अंजुमन ने नौहाख्वानी व सीनाजनी की। इसी तरह नूरबाड़ी स्थित इमामबाड़ा सैयद दबीर आगा में मौलाना कल्बे जवाद ने मजलिस को खिताब किया। मुफ्तीगंज अब्बास नगर स्थित अजाखाना शकील रिजवी में मर्सिया ख्वानी की मजलिस हुई।

Posted By: Divyansh Rastogi

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस