यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 14, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
UP Board Results 2016: यूपी बोर्ड upmsp.nic.in के परिणाम में इस बार बंटी नंबरों की पंजीरी!
सबसे बड़े शिक्षा बोर्ड उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया है। इस ...और पढ़ें

लखनऊ। देश के सबसे बड़े शिक्षा बोर्ड उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए हैं, जिससे लाखों छात्र-छात्राओं के चेहरे पर मुस्कान देखने को मिल रही है। इस बार उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन में जिस तरह के निर्देश परीक्षकों को दिए गए उससे साफ है कि नंबरों की पंजीरी भी खुल कर बंटी है।
वैसे भी पिछले पांच वर्षों में यूपी बोर्ड का परीक्षा परिणाम सफल परीक्षार्थियों के प्रतिशत के लिहाज से निरंतर बेहतर हुआ है। यह परंपरा इस बार भी कायम रही है। माध्यमिक शिक्षा परिषद यानी यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट का परीक्षा परिणाम एक साथ आज रविवार को जारी हुआ है।
परीक्षार्थी अपना परिणाम ऑनलाइन कैसे देखें? आइए हम आपको बताते हैं कि परीक्षार्थी अपना 10वीं और 12वीं का परिणाम ऑनलाइन इन स्टेप्स को फॉलो करते हुए आसानी से कैसे देख सकते हैं:
- 10वीं के छात्र-छात्रा up10.jagranjosh.com और 12वीं के छात्र-छात्रा up12.jagranjosh.com पर विजिट करें।
- सभी आवश्यक जानकारियां जैसे रोल नंबर, नाम, मोबाइल नंबर, जन्मतिथि, और ईमेल-आईडी संबंधित जगह पर लिखें।
- सबमिट बटन पर क्लिक करें।
बोर्ड ने 30 मार्च से शुरू हुए पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में इस बार कई नए निर्देश दिए हैं। इसमें काटा गया उत्तर यदि सही है तो उसका मूल्यांकन किया जाना प्रमुख है। इसमें बोर्ड का यह मानना है कि कई बार परीक्षार्थी से द्वेष के चलते कुछ शिक्षक व परीक्षा केंद्र का अन्य स्टाफ सवालों का काट देता है ऐसे मामले जानकारी में आने पर यह निर्देश दिया गया है। स्टेप मार्किंग पर विशेष जोर दिया गया है, ताकि यदि कोई छात्र-छात्रा कुछ हद तक भी सवाल को सही किया है तो उसे अंक मिले। इतना ही नहीं परीक्षकों पर सही कॉपी जांचने को लेकर सख्ती की गई है साथ ही गलत मूल्यांकन पर उन्हें मिलने वाले धन से कटौती के भी निर्देश दिए गए।
मूल्यांकन में एवार्ड ब्लैंक की अब ओएमआर शीट बनती है। हर शीट में 30 परीक्षार्थियों को अंक मिल सकते हैं। यह कार्य परीक्षक को करना होगा। कई बार यह गलत अंक दर्ज होने पर परीक्षक उसे काटकर वाइटनर लगा देते हैं इससे शीट की एक प्रति तो दुरुस्त हो जाती है, लेकिन दूसरी प्रति गड़बड़ ही रहती है इससे अंकों को लेकर विवाद होता रहा है। ऐसे में बोर्ड ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि किसी भी दशा में वाइटनर का प्रयोग न करें यदि परीक्षक से गलती होती है जो वह उसे ठीक करने के लिए अनुक्रमांक की सीसी-16 रिपोर्ट तैयार करके भेजे।
परीक्षा परिणाम एक नजर में
कक्षा वर्ष प्रतिशत
हाईस्कूल 2015 - 83.74
इंटरमीडिएट 2015- 88.83
हाईस्कूल 2014- 86.71
इंटरमीडिएट 2014- 92.21
हाईस्कूल 2013- 86.63
इंटरमीडिएट 2013- 92.68
हाईस्कूल 2012- 83.75
इंटरमीडिएट 2012- 89.40
हाईस्कूल 2011- 70.82
इंटरमीडिएट 2011- 80.14