यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 13, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Vinay Pathak Case: विनय पाठक मामले में सीबीआइ ने हासिल की केस डायरी, अब आगरा विश्वविद्यालय जाएगी टीम
Vinay Pathak Case कानपुर विश्वविद्यालय के कुलपति विनय पाठक पर लगे भ्रष्टाचार के संगीन आरोपों की जांच अब एसटीएफ से ...और पढ़ें

लखनऊ, राज्य ब्यूरो। सीबीआइ मुख्यालय की एंटी करप्शन-टू ब्रांच की टीम ने एसटीएफ से कानपुर स्थित छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय के कुलपति विनय पाठक के विरुद्ध की जा रही जांच की केस डायरी भी हासिल कर ली है। सीबीआइ अब केस डायरी का अध्ययन कर अपनी जांच के कदम आगे बढ़ाएगी।
सीबीआइ टीम ने गुरुवार को एसटीएफ मुख्यालय पहुंचकर जांच से जुड़े दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियां लेने के साथ ही विवेचक से कई तथ्यों की जानकारी भी जुटाई। सीबीआइ ने जांच अपने हाथ में लेने की सभी आरंभिक औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। सीबीआइ अब शुक्रवार को आगरा विश्वविद्यालय जाकर अपनी पड़ताल शुरू कर सकती है।
सीबीआइ की टीम गुरुवार को लगभग पांच घंटे तक एसटीएफ मुख्यालय में रही और एटीएफ द्वारा गिरफ्तार किए गये आरोपित अजय मिश्रा, अजय जैन और संतोष कुमार सिंह की भूमिका के बारे में भी विस्तार से जानकारियां हासिल कीं। सूत्रों का कहना है कि सीबीआइ मामले में जल्द एसटीएफ के विवेचक का भी बयान दर्ज कर सकती है। सीबीआइ की टीम लगभग ढाई घंटे एसटीएफ मुख्यालय में रही और जांच से जुड़े अधिकारियों से मुलाकात कर महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाईं।
सीबीआइ गुरुवार को एसटीएफ से केस डायरी भी हासिल करेगी। सीबीआइ की टीम बुधवार को भी एसटीएफ मुख्यालय पहुंची थी और जांच से जुड़े कई दस्तावेज व जानकारियां हासिल की थी। विनय पाठक के विरुद्ध भ्रष्टाचार के अन्य मामलों को लेकर भी एसटीएफ से जानकारी की थी। ध्यान रहे, सीबीआइ ने लखनऊ के इंदिरानगर थाने में विनय पाठक व उनके करीबी फर्म संचालक अजय मिश्रा के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम व अन्य धाराओं के तहत दर्ज कराए गए मुकदमे के आधार पर अपना केस दर्ज कर जांच शुरू की है।
