UP News: लखनऊ, राज्य ब्यूरो। दंगाइयों से क्षतिपूर्ति के लिए उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार कानून को और सख्त बनाने के साथ ही दावा प्राधिकरणों के अधिकार बढ़ाने जा रही है। इसके लिए उत्तर प्रदेश लोक तथा निजी संपत्ति क्षति वसूली (संशोधन) विधेयक 2022 गुरुवार को विधानसभा में पेश किया गया।

योगी आदित्यनाथ सरकार ने सरकारी और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वाले उपद्रवियों पर शिकंजा करने के लिए कई महत्वपूर्ण सिफारिशें की हैं। इनके तहत अब किसी हिंसा के दौरान लोक अथवा निजी संपत्ति की क्षतिपूर्ति के साथ घटना को संभालने तथा कानून-व्यवस्था बहाल करने में लगे पुलिस व प्रशासन के खर्च को भी जोड़ा जाएगा।

सूत्रों का कहना है कि अब किसी प्रदर्शन अथवा धरने के दौरान उपद्रव होने की दशा में उस आयोजन को कराने वालों को भी आरोपित बनाया जाएगा। इसके अलावा दावा प्राधिकरण की शक्तियां भी बढ़ाई जाएंगी। दावा प्राधिकरण भी किसी मामले का स्वत: संज्ञान ले सकेगा। कोई याचिका तीन माह के स्थान पर तीन वर्ष तक दावा प्राधिकरण के समक्ष प्रस्तुत किए जाने की बात भी कही गई है।

साथ ही दावा प्राधिकरण को याचिका प्रस्तुत करने वाले को अतिरिक्त समय देने का अधिकार दिए जाने की भी तैयारी है। माना जा रहा है कि शुक्रवार को इस विधेयक को विधानसभा मंजूरी मिल सकती है। साथ ही उसे विधान परिषद में भी पेश किया जाएगा।

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विधान परिषद में पास हुए तीन विधेयक

विधानसभा के बाद विधान परिषद में भी गुरुवार को तीन विधेयक ध्वनिमत पास हो गए। इनमें उत्तर प्रदेश माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक-2022, सामान्य भविष्य निधि (उत्तर प्रदेश) नियमावली, 1985-नियम-12 (संशोधन और विधिमान्यकरण) विधेयक-2022 व इंटरमीडिएट शिक्षा (संशोधन) विधेयक-2022 शामिल हैं।

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Edited By: Umesh Tiwari