लखनऊ [निशांत यादव]। छावनी के चर्चित बंगले का बिल्डिंग प्लान मंजूर करने के मामले की जांच शुरू हो गई है। मध्य कमान सेनाध्यक्ष ने प्रारंभिक जांच के बाद बंगले के बिल्डिंग प्लान को स्वीकृत करने की प्रक्रिया पर सवाल उठाया है। छावनी परिषद की बोर्ड बैठक में पारित इस चर्चित बंगले के बिल्डिंग प्लान के प्रस्ताव को स्थगित कर दिया है। विस्तृत जांच के लिए सैन्य अफसरों के एक बोर्ड का गठन किया गया है, जो तीन महीने में जांच पूरी कर रिपोर्ट देगा। वहीं मध्य कमान सेनाध्यक्ष ने पूरे छावनी परिषद बोर्ड को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसका जवाब एक महीने के भीतर देना होगा।
 
छावनी में 16 थिमैया रोड 2.16 एकड़ क्षेत्रफल वाला बंगला है। रक्षा मंत्रालय के दस्तावेज में भवन के वास्तविक स्वामी (एचओआर) एक अवकाशप्राप्त सैन्य अधिकारी हैं। पिछले साल इस बंगले को रक्षा मंत्रालय की अनुमति के बिना एक मशहूर बिल्डर को बेच दिया गया। सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी और बिल्डर ने संयुक्त नाम से बिल्डिंग प्लान छावनी परिषद में जमा किया। जबकि रक्षा मंत्रालय के दस्तावेजों में बिल्डर अब भी वास्तविक स्वामी नहीं बना था। मार्च 2019 की बोर्ड बैठक में बिल्डिंग प्लान पास करने का प्रस्ताव निरस्त कर मध्य कमान मुख्यालय ने जांच के आदेश दिए।
 
बोर्ड बैठक से एक दिन पहले मिली थी एनओसी
पिछले साल की जांच के बाद बिल्डिंग प्लान फिर से इस वर्ष 26 फरवरी की बोर्ड बैठक में लाया गया। बंगले की जमीन के परिदृश्य में एनओसी एक दिन पहले मिल गई थी। बोर्ड बैठक में बंगले के बिल्डिंग प्लान को पास कर दिया गया। इसके बाद मध्य कमान सेनाध्यक्ष ले. जनरल इकरूप सिंह घूमन ने जांच के आदेश दिए। प्रारंभिक जांच के बाद अब सैन्य अधिकारियों के बोर्ड का गठन किया है।
क्या कहते हैं अधिकारी ? 
लखनऊ के छावनी परिषद  मुख्य अधिशासी अधिकारी अमित कुमार मिश्र के मुताबिक, मध्य कमान मुख्यालय से पत्र व कारण बताओ नोटिस मिली है। बंगले का अधिकार क्षेत्र छावनी परिषद का नहीं है। नोटिस व पत्र पर बोर्ड बैठक में निर्णय लिया जाएगा।
 

Posted By: Divyansh Rastogi

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