लखनऊ [राज्य ब्यूरो]। बहुजन समाज पार्टी में राजनीति का करियर संवारने वाले पूर्व विधानसभा अध्यक्ष, पूर्व मंत्री एवं दीदारगंज से विधायक सुखदेव राजभर की अंतिम दिनों में समाजवादी पार्टी से नजदीकियां बढ़ गईं थीं। उन्होंने इसी साल जुलाई में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव व बसपा प्रमुख मायावती को पत्र लिखकर बहुजन मूवमेंट को दिशाहीन बताया था। उन्होंने कहा था कि बसपा से राजभर समाज के मिशनरी लोगों को बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है। स्वास्थ्य कारणों से सक्रिय न होने का जिक्र करते हुए सुखदेव ने अखिलेश यादव को उत्तर प्रदेश का भविष्य बताते हुए दलितों, पिछड़ों व राजभर समाज की सेवा के लिए बेटे कमलाकांत को उनके हवाले करने की घोषणा भी की थी।

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी सुखदेव राजभर के मार्मिक पत्र का चार अगस्त को जवाब दिया था। उन्होंने लिखा था कि आपके पुत्र व समर्थकों का समाजवादी पार्टी में स्वागत है। अखिलेश ने लिखा था कि... 'आपके पत्र में व्यक्त की गई सामाजिक चिंता और पीड़ा से मैं स्वयं को संबद्ध करता हूं। आपको सड़क से लेकर सदन तक का लंबा राजनैतिक अनुभव है। आपने सदैव शालीनता से दलित, पीड़ित, वंचित और पिछड़ों के हक की आवाज बुलंद की है। आपके द्वारा शोषित, वंचित, दलित, पिछड़े समाज को हक दिलाने के लिए जो समाजवादी नेतृत्व पर विश्वास व्यक्त किया गया है उससे मैं अभिभूत हूं। समाजवादी इस सामाजिक न्याय और लोकतंत्र की राजनैतिक और सामाजिक लड़ाई को अपने शिखर पर ले जाने का सतत प्रयास करती रहेगी। समाजवादी पार्टी में आपके पुत्र और समर्थकों का स्वागत है।'

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव 29 अगस्त को राजभर का हालचाल लेने उनके गोमतीनगर स्थित आवास पर भी गए थे। इस मौके पर सुखदेव राजभर ने कहा था कि पिछड़ा-वंचित समाज अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली समाजवादी सरकार बनाने के लिए जी-जान से जुट गया है। वहीं, अखिलेश यादव ने सोमवार को सुखदेव राजभर के निधन के बाद उनके बेटे कमलाकांत से फोन पर बात कर शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं।

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Edited By: Umesh Tiwari