मायावती ने ईशान आनंद की बसपा में कराई वापसी, बहुजन समाज पार्टी में दी अहम जिम्मेदारी
Ishan Anand: बसपा सुप्रीमो मायावती ने अहम फैसला लेते हुए ईशान आनंद को दोबारा पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है।
HighLights
ईशान आनंद को नियुक्त किया गया बसपा का राष्ट्रीय संयोजक (National Coordinator)
आकाश आनंद और उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ पर कोई विचार नहीं
लखनऊ में पार्टी की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक, विधानसभा चुनावों की तैयारी पर चर्चा
डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश के साथ ही उत्तराखंड और पंजाब के चुनाव को लेकर बेहद गंभीर बहुजन समाज पार्टी ने बुधवार को लखनऊ में देश भर के बड़े पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की। इस बैठक में मायावती ने भतीजे ईशान आनंद को बड़ी जिम्मेदारी दी है। मायावती ने बड़े भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से बाहर करने के बाद अब छोटे भतीजे ईशान आनंद पर भरोसा जताया है।
उत्तर प्रदेश की राजनीति और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के भीतर एक बार फिर बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने अहम फैसला लेते हुए ईशान आनंद को दोबारा पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। लखनऊ में आयोजित पार्टी की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान मायावती ने ईशान आनंद को बसपा का राष्ट्रीय संयोजक (National Coordinator) नियुक्त करने की घोषणा की।
मायावती ने ईशान आनंद को संगठन में बड़ी जिम्मेदारी सौंपी और उनको ईशान आनंद को BSP का National Coordinator बनाया गया। मायावती ने आकाश आनंद के बाद अब ईशान आनंद को संगठन में आगे बढ़ाने का फैसला। बसपा की बैठक में मायावती ने ईशान आनंद को आशीर्वाद दिया। बसपा का राष्ट्रीय संयोजक पार्टी में नंबर तीन का पद है। पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का पद मायावती के भाई आनंद कुमार के पास है।
पार्टी अध्यक्ष मायावती ने सभी को संबोधित किया। इस बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आनंद कुमार और उनके छोटे पुत्र ईशान आनंद भी मौजूद थे। ईशान आनंद ने इस अवसर पर पांव छूकर मायावती का आशीर्वाद लिया और बैठक में शामिल हुए।
बसपा की इस महत्वपूर्ण बैठक में आगामी रणनीतियों, जनाधार बढ़ाने और संगठन के पुनर्गठन पर विस्तार से चर्चा की गई। ईशान आनंद की इस वापसी को बसपा के केंद्रीय नेतृत्व को मजबूत करने और भविष्य की राजनीतिक चुनौतियों से निपटने के एक अहम कदम के रूप में देखा जा रहा है।
गौरतलब है कि आकाश आनंद के भाई ईशान आनंद को पूर्व में पार्टी के संगठनात्मक दायित्वों से अलग कर दिया गया था। संगठन को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करने और युवाओं को जोड़ने के उद्देश्य से मायावती ने उन पर एक बार फिर भरोसा जताया है। अचानक हुए इस फैसले से राजनीतिक गलियारों और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
#WATCH लखनऊ, उत्तर प्रदेश: BSP प्रमुख मायावती ने पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक की। pic.twitter.com/1O4qdqdvF6
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 23, 2026
