सीतापुर, संवाद सूत्र। लक्ष्मणपुर-फतेहनगर में दो पक्षों के विवाद में जमकर लाठी-डंडे व ईंट-पत्थर चले। इस घटना में दोनाें पक्षों के 14 लोग घायल हुए हैं। इसमें इलाज के दौरान एक किशोरी की लखनऊ ट्रामा सेंटर में मौत हो गई। इस घटना में मछरेहटा पुलिस की घोर लापरवाही उजागर हुई है। दरअसल, विवाद की सूचना पुलिस को पहले भी मिली थी लेकिन, तब कोई कार्रवाई नहीं की गई। पुलिस का कहना है कि मामला न्यायालय में विचाराधीन था, इसलिए दोनों पक्षों को समझा दिया गया था।

लक्ष्मणपुर में रहने वाले बराती पुत्र बिलाल व सत्रोहन पुत्र ग्यारी के बीच करीब डेढ़ माह से दरवाजा रखने को लेकर विवाद चल रहा था। कई बार गाली-गलौज भी हो चुका था। तहसील अधिकारियों से भी शिकायत की गई। दीवानी न्यायालय में भी वाद दायर किया। मामला पुलिस तक भी पहुंचा था। पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। बुधवार देर शाम करीब आठ बजे दोनों पक्ष के लोग आमने-सामने आ गए। दरवाजा रखने को लेकर विवाद होने लगा। गाली-गलौज और लाठी-डंडे, ईंट-पत्थर चलने लगे। मारपीट में दोनों पक्षों के 14 लोग घायल हुए। सत्रोहन पक्ष की 15 वर्षीय काजल पुत्री स्व. हरीश के सिर में डंडा लगा। उपचार के लिए उसे ट्रामा सेंटर भेजा गया था, जहां उसकी मौत हो गई। 

ये हुए घायलः मारपीट में बराती की पत्नी फूलवती, सुखरानी, रामलाल, परशुराम, बराती, उदय व कमलेश घायल हुए। फूलमती व सुखरानी का सिर फट गया। शत्रोहन पक्ष की मधुरानी, सिरदार, आरती व प्रियंका का सिर फट गया। वहीं 15 वर्षीय काजल की उपचार के दौरान मौत हो गई। 

पुलिस लेती संज्ञान, तो टल जाता विवादः करीब डेढ़ माह से चल रहे विवाद को अगर पुलिस गंभीरता से लेती तो विवाद टल सकता था। कई बार दोनों पक्ष के लोग थाने आए और चले गए। विवाद को खत्म कराने का प्रयास गंभीरता से किया जाता तो काजल की जान बच सकती थी।

किशोरी की मौत हुई है। मामले में एक आरोपित के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। छह लोग हिरासत में हैं। दूसरे पक्ष की तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। रही बात पूर्व में सूचना मिलने की तो यह सही है। चूंकि, मामला न्यायालय में चल रहा है, इसलिए दोनों पक्षों को समझा दिया गया था। -मुकेश वर्मा, थानाध्यक्ष मछरेहटा

Edited By: Vikas Mishra