पटेल जयंती पर जनसभा से भाजपा साधेगी कुर्मी समीकरण, बरेली में जुटेंगी BJP के महारथी
भाजपा सरदार पटेल जयंती पर बरेली में बड़ी जनसभा कर कुर्मी वोटों को साधने की तैयारी में है। यह कदम ...और पढ़ें
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HighLights
भाजपा बरेली में पटेल जयंती पर जनसभा करेगी।
पार्टी का लक्ष्य कुर्मी वोटों को मजबूत करना है।
यह आगामी चुनावों के लिए जातीय समीकरणों का हिस्सा।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। अभियान हों या महापुरुषों की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम, चुनावी संदेश जरूर निकलता है। सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर भाजपा एक नवंबर को बरेली में बड़ी जनसभा करेगी, जिसमें झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार एवं प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी समेत बड़ी संख्या में पदाधिकारी पहुंचेंगे।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस बहाने भाजपा कुर्मी वोटों की गठरी कसेगी। पिछले दिनों बरेली की श्रुति गंगवार एवं मंत्री धर्मपाल सिंह को राज्य सभा भेजकर पार्टी ने कुर्मी-लोध दोनों समीकरणों को संतुलित किया था।
विधान सभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही सभी राजनीतिक दलों ने जातीय समीकरणों को कसना शुरू कर दिया है। 2024 लोकसभा चुनाव में सपा ने पीडीए कार्ड खेलकर भाजपा के पाले से बड़ी संख्या में ओबीसी वोटों को अपनी तरफ खींच लिया। इसके बाद से जातीय गुणागणित तेज हो गई है।
कुर्मी चेहरों को बनाया जा चुका है प्रदेश अध्यक्ष
सपा की तरह भाजपा ने भी ओबीसी एवं अनुसूचित समाज के महापुरुषों की जयंती एवं पुण्यतिथि को लेकर कैलेंडर बनाया। कुर्मी वोटों को सहेजने के लिए भाजपा ने पंकज चौधरी को प्रदेश अध्यक्ष बनाया। इससे पहले पार्टी ओमप्रकाश सिंह, विनय कटियार एवं स्वतंत्र देव सिंह के रूप मे तीन कुर्मी चेहरों को प्रदेश अध्यक्ष बनाया जा चुका है।
बरेली से राजनीति में लंबी पारी खेलने वाले संतोष गंगवार मोदी सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे हैं। अब यहां से सांसद छत्रपाल गंगवार कुर्मी नेता के रूप में सक्रिय हैं। रेखा वर्मा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं, जबकि फूलपुर से प्रवीण पटेल सांसद चुने गए हैं। पिछले दिनों छह क्षेत्रीय संगठनों का गठन किया गया, जिसमें चार में एक-एक महामंत्री कुर्मी समाज से बनाए गए हैं।
वहीं, लोध समाज भी भाजपा हाईकमान से ज्यादा भागीदारी की मांग करता रहा है। राज्य सभा भेजे गए लाोध चेहरा धर्मपाल सिंह ने हाल में साफ कहा कि हिन्दुत्व के प्रतीक पुरुष एवं पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की वजह से ही भाजपा यूपी में सत्ता में आई। बीएल वर्मा केंद्रीय मंत्री हैं, लेकिन उनका राज्य सभा का कार्यकाल नहीं बढ़ाया गया।
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कल्याण सिंह के पुत्र राजबीर सिंह को भी राज्य सभा नहीं मिली। महोबा के विधायक ब्रजभूषण राजपूत सरकार के खिलाफ खुलकर बोल चुके हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि बरेली में कुर्मी समाज के दिग्गजों का जमावड़ा करने के साथ ही केंद्रीय मंत्रिमंडल के विस्तार में लोध चेहरा धर्मपाल सिंह को मौका देकर समीकरण संतुलित किया जाएगा।
