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MLC चुनाव में गोरक्ष और पश्चिम ने बचाई लाज; अवध-काशी और बुंदेलखंड में ढहा भाजपा का 'अभेद्य दुर्ग'

Published: Fri, 30 Oct 2026 02:36 AM (IST)

भाजपा को एमएलसी चुनाव में छह में से चार क्षेत्रों में हार का सामना करना पड़ा, जबकि पश्चिम क्षेत्र में ...और पढ़ें

सीएम योगी आदित्यनाथ।

सीएम योगी आदित्यनाथ।

HighLights

  1. भाजपा को एमएलसी चुनाव में चार क्षेत्रों में हार मिली।

  2. पश्चिम क्षेत्र में भाजपा ने सभी सीटें जीतीं, लाज बचाई।

  3. संगठन की रणनीति और गुटबाजी पर उठे गंभीर सवाल।

संतोष शुक्ल, लखनऊ। संगठन की दृष्टि से सभी छह क्षेत्रों (काशी, गोरक्ष, अवध, कानपुर-बुंदेलखंड, ब्रज एवं पश्चिम) में राजनीतिक जमीन मजबूत कर मिशन-2027 भेदने में जुटी भाजपा एमएलसी चुनाव में चार क्षेत्रों में गच्चा खा गई। पार्टी सिर्फ पश्चिम क्षेत्र में क्लीन स्वीप कर सकी। गोरक्ष क्षेत्र के अंतर्गत गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट पर प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी मुश्किल से जीत सके, जबकि अन्य क्षेत्रों में हार ने संगठन की रणनीति, प्रत्याशियों के चयन एवं जनप्रतिनिधियों की एकजुटता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

राजनीतिक पंडितों का कहना है कि प्रदेशभर में बुद्धिजीवी सम्मेलन करने के बावजूद शिक्षित वर्ग का भरोसा न जीत पाने से भाजपा के लिए विधान सभा की डगर कठिन होगी। लखनऊ में शुक्रवार को प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के सामने भी चुनाव परिणामों का विश्लेषण होगा।

भाजपा ने एमएलसी स्नातक एवं शिक्षक खंड की 11 सीटों को नाक का सवाल बनाकर पूरी ताकत झोंक दी। लेकिन सिर्फ पश्चिम क्षेत्र में भगवा झंडा ऊंचा फहरा। मेरठ-सहारनपुर स्नातक सीट पर दिनेश गोयल एवं शिक्षक सीट पर श्रीचंद शर्मा ने बड़े अंतर से दोबारा जीत दर्ज की। 2021 में श्रीचंद ने दिग्गज नेता ओमप्रकाश शर्मा को हराकर बड़ा संदेश दिया था।

सपा ने दी मात

बरेली-मुरादाबाद शिक्षक खंड की सीट के अंतर्गत पश्चिम क्षेत्र के पांच जिलों (मुरादाबाद, बिजनौर, रामपुर, अमरोहा एवं संभल) में भी पार्टी का प्रदर्शन बेहतर रहा, जहां हरि सिंह ढिल्लो 17 हजार से ज्यादा मतों से चुनाव जीते। ब्रज क्षेत्र से योगी आदित्यनाथ सरकार में पांच कैबिनेट समेत सर्वाधिक मंत्री हैं, लेकिन यहां आगरा शिक्षक खंड पर भाजपा के हरिकिशोर तिवारी सपा के आकाश अग्रवाल से हार गए।

भाजपा संगठन एवं जनप्रतिनिधियों के बीच गुटबाजी हावी रही। कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र की इलाहाबाद-झांसी स्नातक खंड पर सपा के डा. मानसिंह यादव ने भाजपा की रणनीति को ध्वस्त करते हुए अशोक कुमार राठौर को 27 हजार से ज्यादा मतों से हरा दिया।

सत्ता का शक्ति केंद्र लखनऊ अवध क्षेत्र के अंतर्गत आता है, जहां स्नातक सीट पर सपा की कांति सिंह ने भाजपा के वर्तमान एमएलसी इंजीनियर अवनीश सिंह को बड़े अंतर से हराकर प्रदेश संगठन की कमजोरी उजागर कर दी। कई बार की बैठकों के बावजूद जनप्रतिनिधियों की गुटबाजी दूर नहीं की जा सकी।

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काशी क्षेत्र के अंतर्गत में शिक्षक एवं स्नातक दोनों सीटों पर भाजपा का प्रदर्शन निराशाजक रहा। माना जा रहा था कि 2024 लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जीत का अंतर कम होने के बाद पार्टी इसे प्रतिष्ठा का सवाल बनाकर क्षेत्र को अभेद्य दुर्ग बना लेगी, लेकिन एमएलसी चुनाव परिणामों ने खतरे की घंटी बजा दी है। संगठन निर्माण के बाद पहली परीक्षा में जहां प्रदेश से लेकर जिला इकाई तक चुनावी ताप को भांप नहीं सकी, वहीं दिग्गजों की रणनीति भी धार खोती नजर आई।