उत्तर प्रदेश को लेकर BJP बेहद गंभीर, महाराष्ट्र के विनोद तावड़े को नियुक्त किया प्रभारी; जुझारू प्रवृति के नेता
Vinod Tawde: 2026 में राज्यसभा पहुंचने के साथ उनका राजनीतिक कद लगातार बढ़ा। अब उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में उन्हें चुनावी जिम्मेदारी दी गई है।

विनोद तावड़े उत्तर प्रदेश प्रभारी नियुक्त
HighLights
विनोद तावड़े के साथ चार सह प्रभारी भी नियुक्त
उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव की मुख्य तैयारी को मिलेगी गति
डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर बेहद गंभीर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बड़ा संगठनात्मक बदलाव किया है। पार्टी ने विनोद तावड़े को उत्तर प्रदेश का प्रभारी नियुक्त करने के साथ ही चार सह प्रभारियों की भी तैनाती की है।
विनोद तावड़े का रिकॉर्ड काफी बेहतर रहा है। पार्टी ने उन्हें जिन राज्यों का प्रभारी बनाया है, वहां पार्टी ने अधिकांश तौर पर जीत हासिल की है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय नितिन नवीन की तरफ से की गई ये नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं।
विनोद तावड़े उत्तर प्रदेश से पहले बिहार में पार्टी के प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में बीजेपी के मजबूत प्रदर्शन के बाद संगठन के भीतर उनकी रणनीतिक और संगठनात्मक क्षमता की काफी चर्चा होने लगी।
महाराष्ट्र निवासी विनोद तावड़े को पार्टी ने इसी महीने के पहले सप्ताह में ही प्रभारी घोषित किया था। बुधवार को उनके नाम के औपचारिक एलान के साथ भाजपा ने उत्तर प्रदेश के सह-प्रभारी के तौर पर जगदीश पटेल, मेधा कुलकर्णी, डॉ. प्रदीप वर्मा और अनंत ओझा को जिम्मेदारी दी है।
पहली बार 2014 में विधायक
विनोद तावड़े 2014 में बोरीवली विधानसभा क्षेत्र से महाराष्ट्र के विधायक चुने गए । उन्होंने 31 अक्टूबर 2014 को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में स्कूल शिक्षा और खेल, उच्च और तकनीकी शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा, मराठी भाषा और सांस्कृतिक मामलों के मंत्री के रूप में शपथ ली।
राष्ट्रीय संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2019 में टिकट नहीं मिलने के बाद उनकी राजनीतिक भूमिका को लेकर कई तरह की चर्चाएं हुई थीं, लेकिन बाद में उन्हें राष्ट्रीय संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गईं। वर्ष 2024 में उन्हें भाजपा के देशव्यापी सदस्यता अभियान की जिम्मेदारी भी दी गई थी। इसके बाद बिहार में संगठन की जिम्मेदारी और फिर 2026 में राज्यसभा पहुंचने के साथ उनका राजनीतिक कद लगातार बढ़ा। अब उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में उन्हें चुनावी जिम्मेदारी दी गई है।
महाराष्ट्र से राज्यसभा सदस्य
विनोद तावड़े का जन्म 20 जुलाई 1963 को महाराष्ट्र में हुआ। महाराष्ट्र से ही भारतीय जनता पार्टी से राज्यसभा सदस्य तावड़े पार्टी की महाराष्ट्र इकाई के महासचिव, मुंबई के अध्यक्ष, अखिल भारतीय राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद के सदस्य और 12वें और 13वें लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा की समन्वय समिति के एक प्रमुख सदस्य थे।
तावड़े महाराष्ट्र सरकार में मंत्री
विनोद तावड़े महाराष्ट्र सरकार में स्कूली शिक्षा, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, खेल एवं युवा कल्याण, अल्पसंख्यक विकास तथा मराठी भाषा एवं संस्कृति मंत्री रह चुके हैं। राज्यसभा से पहले महाराष्ट्र विधान परिषद के सदस्य थे और परिषद में विपक्ष के नेता थे।
बचपन से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सदस्य
विनोद तावड़े बचपन से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सदस्य हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के पूर्णकालिक कार्यकर्ता रहे। एबीवीपी की मुंबई इकाई के प्रमुख के रूप में तावड़े ने एबीवीपी और मुंबई के छात्रों के बीच नेतृत्व क्षमता का प्रदर्शन किया।
विनोद तावड़े इसके बाद राजनीति में सक्रिय हुए और भाजपा ने 1995 में उनको महाराष्ट्र महासचिव के रूप में नामित किया गया और उन्होंने 1999 तक इस पद पर कार्य किया। 2002 में उन्हें एक बार फिर यह जिम्मेदारी सौंपी गई। उन्होंने 2011 तक इस पद पर कार्य किया। विनोद तावड़े 1999 में भाजपा की मुंबई महानगर इकाई के अध्यक्ष चुने गए। इस पद के लिए चुने गए सबसे युवा उम्मीदवार होने का रिकॉर्ड उनके नाम है।
