लखनऊ, जेएनएन। पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली के निधन से रिक्त हुई राज्यसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए भाजपा ने उत्तर प्रदेश से सुधांशु त्रिवेदी को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। राज्यसभा के लिए नामांकन की आखिरी तारीख के एक दिन पहले भाजपा ने अपना उम्मीदवार उन्हें बनाया है। त्रिवेदी शुक्रवार को नामांकन करेंगे। राज्यसभा की रिक्त हुई दो सीटों पर उपचुनाव के लिए चुनाव आयोग ने 27 सितंबर को तारीख का एलान किया था। उत्तर प्रदेश और बिहार की एक-एक राज्यसभा सीट के लिए 16 अक्टूबर को उपचुनाव होना है।

भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष व चुनाव प्रबंधन प्रभारी जेपीएस राठौर ने गुरुवार को बताया कि सुधांशु त्रिवेदी शुक्रवार को दोपहर एक बजे भाजपा विधान मंडल दल कार्यालय से सेंट्रल हाल में नामांकन भरने जाएंगे। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा, प्रदेश सरकार के मंत्रियों, विधायकों समेत कई प्रमुख लोग मौजूद रहेंगे।

त्रिवेदी ने दिग्गजों को पीछे छोड़ा

अरुण जेटली की रिक्त सीट पर सुधांशु को मौका देकर भाजपा ने जहां ब्राह्मण समीकरण साधे हैं, वहीं संगठन को भी महत्व दिया है। सुधांशु त्रिवेदी लंबे समय से संगठन के लिए कार्य कर रहे हैं। राजनाथ सिंह जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने तब वह उनके करीब आये और उनके अध्यक्ष बनने पर बतौर सलाहकार उनकी भूमिका चर्चा में रही। सुधांशु ने बाद में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी प्रभावित किया। राज्यसभा की इस सीट के लिए उत्तर प्रदेश के कई दिग्गज कतार में थे, लेकिन सुधांशु ने सबको पीछे छोड़ते हुए केंद्रीय नेतृत्व का भरोसा हासिल किया है।

राजनीतिज्ञ के साथ पेशे से इंजीनियर

सुधांशु त्रिवेदी एक कुशल राजनीतिज्ञ के साथ पेशे से इंजीनियर भी हैं। वह उत्तर प्रदेश के लखनऊ के रहने वाले हैं। वह यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर भी रह चुके हैं। उन्होंने अपनी पीएचडी मैकेनिकल इंजीनियरिंग में पूरी की और प्रोफेसर के रूप में महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय यूनीवर्सिटी सहित कई भारतीय यूनीवर्सिटीज में मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग में कार्यरत रहे। सुधांशु त्रिवेदी वर्तमान में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता रूप में जाने जाते हैं। वह भारत की राष्ट्रीय नीति, राजनीति, समाज और विशेष रूप से भाजपा के वैचारिक पहलुओं के मुद्दों पर उत्साही और प्रखर वक्ता भी हैं।

सुधांशु जहां पार्टी के प्रखर वक्ता के तौर पर नजर आते रहे हैं, वहीं विभिन्न विषयों पर व्याख्यान के लिए देश-विदेश में उन्हें आमंत्रित किया जाता रहा है। वह अकेले ऐसे युवा नेता रहे हैं, जिन्हें अमेरिका और चीन, दोनों ने अपने यंग लीडर प्रोग्राम में आमंत्रित किया था। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में सुधांशु भाजपा की उस चार सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति में शामिल थे, जिस पर प्रचार का जिम्मा था। इस समिति में सुधांशु के साथ दिवंगत सुषमा स्वराज व अरुण जेटली तथा गृहमंत्री अमित शाह भी शामिल थे।

अरुण जेटली के निधन रिक्त हुई सीट

भारतीय जनता पार्टी के कोटे से राज्यसभा के लिए चुन कर आए अरुण जेटली का लंबी बीमारी के बाद 24 अगस्त को देहांत हो गया था। दिवंगत जेटली ने 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में अमृतसर से चुनाव लड़ा था, लेकिन वह कांग्रेस के कैप्टन अमरिंदर सिंह से हार गए थे। हालांकि वह पहले से ही राज्यसभा सदस्य थे। इसके बाद उनको भाजपा ने 2018 में उत्तर प्रदेश के कोटे से चुनकर राज्यसभा भेजा। राज्यसभा में अरुण जेटली भाजपा के सदन के नेता थे और उनका कार्यकाल दो अप्रैल, 2024 तक था।

नामांकन की आखिरी तारीख चार अक्टूबर

राज्यसभा की रिक्त हुई सीटों के लिए 27 सितंबर से ही उपचुनाव की अधिसूचना जारी कर दी गई है। साथ उसी दिन नामांकन प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। राज्यसभा के लिए नामांकन की आखिरी तारीख चार अक्टूबर है। नामांकन पत्रों की जांच पांच अक्टूबर को होगी। नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख नौ अक्टूबर है।

Posted By: Umesh Tiwari

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