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बलिया के सुरहा ताल को मिला देश के 100वें रामसर साइट का दर्जा, PM मोदी ने जताई खुशी

Published: Fri, 05 Jun 2026 02:40 PM (IST)

बलिया स्थित सुरहा ताल को भारत के 100वें रामसर स्थल का दर्जा मिला है, जिससे उत्तर प्रदेश में कुल 13 रामसर साइटें हो गई हैं।

बलिया के सुरहा ताल ने रचा इतिहास, बना भारत का 100वां रामसर स्थल

 बलिया के सुरहा ताल ने रचा इतिहास, बना भारत का 100वां रामसर स्थल

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राज्य ब्यूरो, लखनऊ। पूर्वांचल की धरती पर स्थित बलिया का सुरहा ताल अब वैश्विक मानचित्र पर और चमकने लगा है। प्रवासी पक्षियों की चहचहाहट और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध जयप्रकाश नारायण पक्षी विहार (सुरहा ताल) को भारत के 100वें रामसर स्थल का दर्जा मिला है।

यह उपलब्धि न सिर्फ उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसे भारत की पर्यावरण संरक्षण नीति और आर्द्रभूमियों के संवर्धन के प्रति दृढ़ संकल्प का जीवंत उदाहरण बताया है।

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अब प्रदेश में हुईं 13 रामसर साइट

बलिया जिले में स्थित जयप्रकाश नारायण पक्षी विहार, जिसे सुरहा ताल के नाम से जाना जाता है, को भारत के 100वें रामसर स्थल के रूप में मान्यता प्रदान की गई है। इस उपलब्धि के साथ ही प्रदेश ने देश की पर्यावरणीय धरोहरों के संरक्षण में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि अपने नाम कर ली है।

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अब प्रदेश में कुल 13 रामसर साइट हो गईं हैं। इंटरनेट मीडिया एक्स पर प्रधानमंत्री ने पोस्ट करते हुए कहा कि सुरहा ताल का रामसर सूची में शामिल होना भारत की आर्द्रभूमियों और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह आर्द्रभूमि पक्षी जैव विविधता से समृद्ध है और यहां बड़ी संख्या में प्रवासी एवं स्थानीय पक्षी आते हैं।

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि पिछले वर्षों में देशभर में आर्द्रभूमियों के संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए गए हैं। समुदाय की भागीदारी, वैज्ञानिक अनुसंधान, नवाचार और जन-जागरूकता अभियानों के जरिए इन क्षेत्रों को संरक्षित करने के प्रयासों को नई गति मिली है।

सीएम योगी ने इस उपलब्धि पर जताई प्रसन्नता

यही कारण है कि भारत आज रामसर स्थलों की संख्या बढ़ाने में लगातार सफलता हासिल कर रहा है। सुरहा ताल गंगा और घाघरा नदी के प्रभाव क्षेत्र में स्थित एक महत्वपूर्ण आर्द्रभूमि है। यह क्षेत्र सर्दियों के मौसम में साइबेरिया और मध्य एशिया से आने वाले हजारों प्रवासी पक्षियों का आश्रय स्थल बन जाता है। इसके अलावा यहां अनेक दुर्लभ जलीय वनस्पतियां और जीव-जंतु भी पाए जाते हैं, जो इसकी पारिस्थितिक महत्ता को और बढ़ाते हैं।

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वहीं, वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने शुक्रवार को सुरहा ताल के रामसर साइट घोषित होने का प्रमाण पत्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपा। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता जताई। रामसर स्थल का दर्जा मिलने से सुरहा ताल के संरक्षण के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग और संसाधनों की संभावनाएं बढ़ेंगी। साथ ही इको-टूरिज्म को प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर भी सृजित होंगे।

सुरहा ताल को मिली यह पहचान उत्तर प्रदेश की पर्यावरणीय विरासत के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। इससे प्रदेश में जैव विविधता संरक्षण, पर्यटन विकास और पर्यावरणीय जागरूकता को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

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