लखनऊ, जागरण संवाददाता। भीषण ठंड के बावजूद चुनाव की सरगर्मी काफी तेज हो गई है। बसपा के उम्मीदवार अपना प्रचार अभियान शुरू कर दिए हैं। पार्टी प्रत्याशी से लेकर कार्यकर्ता तक अपने मिशन में लग गए हैं। वोटरों को पार्टी बसपा की नीतियां से अवगत कराया जा रहा है। साथ ही बहुजन समाज पार्टी की सरकार में किए गए कार्यों को पार्टी कार्यकर्ता जन-जन तक पहुंचा रहे हैं। कार्यकर्ता अपने इस मिशन हर वर्ग को साथ लेकर चलने और उसे पार्टी से जोड़ते दिखाई दे रहे हैं। बसपा के उम्मीदवार और कार्यकर्ता अपने-अपने क्षेत्र में जीत का दावा भी कर रहे हैं। 

बता दें कि साल 2017 विधानसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी कड़ी मेहनत के बावजूद ज्यादातर सीटों पर टक्कर देनें में असफल रही थी। हालांकि, एक दो सीटों पर पार्टी को बहुत कम वोटों से हार का सामना करना पड़ा। मगर इस बार बसपा के राष्ट्रीय नेतृत्व के मार्गदर्शन में कार्यकर्ता और उम्मीदवार बेहद रणनीतिक तरीके से अपना वोटबैंक सहेजने में जुटे हैं। पार्टी के नगर अध्यक्ष पंकज सक्सेना का कहना है कि राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देश पर हर कार्यकर्ता चुनाव प्रचार में जुट गया है। यह ऐसा समय है जब कार्यकर्ता को अपनी मेहनत को वोट के रूप में तब्दील करना है। बसपा के कार्यकर्ताओं ने रविवार को भी प्रचार-प्रसार किया। 

एक नजर पिछले रिपोर्ट कार्ड परः साल 2017 के चुनाव परिणामों को देखा जाए तो बीएसपी का वोट प्रतिशत ठीक रहा। लेकिन, लखनऊ में अपना खाता खोलने में विफल रही। हालांकि, विधानसभावार बात की जाए तो बक्शी का तालाब में बीएसपी दूसरे स्थान पर रही। यहां बीएसपी ने अपनी लड़ाई मजबूती से लड़ी। मगर भाजपा प्रत्याशी को मुकाबले में हरा न सकी। मलिहाबाद में बीएसपी का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था। यहां भी कमल और साइकिल ने हाथी को काफी पीछे छोड़ दिया था। बात अगर सरोजनी नगर सीट की जाए तो यहां हाथी ने साइकिल को कांटे की टक्कर दी थी।

यहां हाथी महज 2530 वोटों से ही हाथी साइकिल से पीछे रहा। हालांकि, इस सीट पर भाजपा प्रत्याशी का प्रदर्शन काफी उम्दा रहा। लखनऊ पश्चिम की बात की जाए तो यहां भी हाथी काफी सुस्त रहा। नतीजतन कमल और साइकिल ने हाथी को काफी पीछे छोड़ दिया। हाथी की यही सुस्त चाल उत्तर विधानसभा, मध्य विधानसभा, कैंट और पूर्व विधानसभा क्षेत्र में भी देखने को मिली थी। इन चारों विधानसभा में भी बीएसपी उम्मीदवार को बड़े अंतर से हार का सामना करना पड़ा था।

मोहनलालगंज सीट इस बार भी होगी खासः विधान सभा चुनाव 2017 में मोहनलालगंज सीट हाल के बावजूद बीएसपी के लिए बेहद खास रही। मोहनलालगंज में हाथी और साइकिल की रफ्तार बेहद आस पास रहीं। साइकिल और हाथी के बीच मामूली अंतर ने पूरा गेम ही पलट दिया। बीएसपी प्रत्याशी को महज 530 मतों से न सिर्फ हार का सामना करना पड़ा बल्कि एक मजबूत सीट को भी गंवाना पड़ा। ऐसे में इस मोहनलालगंज सीट इस बार भी बीएसपी के लिए बेहद अहम रहेगी।

Edited By: Vikas Mishra