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जौहर ट्रस्ट पर आयकर विभाग का शिकंजा, 500 करोड़ से अधिक की वसूली की तैयारी

Published: Tue, 15 Sep 2026 09:50 PM (IST)

आयकर विभाग ने जौहर ट्रस्ट से 450 करोड़ रुपये की अघोषित आय पर कर, जुर्माना और ब्याज वसूलने की तैयारी ...और पढ़ें

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राज्य ब्यूरो, लखनऊ। जौहर ट्रस्ट से जुड़े वित्तीय मामलों में आयकर विभाग ने कार्रवाई का अगला चरण शुरू कर दिया है। पूर्व मंत्री आजम खां व उनके स्वजनों के जौहर ट्रस्ट का पंजीकरण रद किए जाने के बाद अब आयकर विभाग ने 450 करोड़ रुपये की अघोषित आय पर कर, जुर्माना और ब्याज की वसूली की तैयारी शुरू कर दी है। यह राशि करीब 500 करोड़ रुपये से ज्यादा होगी। इसके लिए विभाग ने मुख्यालय से अनुमति मांगी है।

आयकर विभाग की अभी तक की जांच में यह बात सामने आई है कि जौहर ट्रस्ट द्वारा वित्तीय अनियमितताओं और फर्जी लोगों को ट्रस्टी बनाकर करोड़ों रुपये का चंदा एकत्र किया था। साथ ही जौहर विश्वविद्यालय के भवनों के निर्माण में सरकारी धन का इस्तेमाल करने का मामला भी सामने आया है।

कई बार नोटिस जारी

इस संदर्भ में आयकर विभाग ने ट्रस्ट को कई बार नोटिस जारी कर पक्ष रखने का मौका दिया था, लेकिन ट्रस्ट के पदाधिकारी आयकर विभाग को करोड़ों रुपये की आय के स्रोत की जानकारी नहीं दे सके। नतीजतन आयकर विभाग ने इस मामले में अघोषित राशि का 30 प्रतिशत जुर्माना और ब्याज वसूलने की तैयारी की है।

दूसरी तरफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी इस मामले में जौहर ट्रस्ट से जुड़े लोगों से पूछताछ की है। ईडी की टीमें ट्रस्ट से जुड़ी चल-अचल संपत्तियों की भी पड़ताल कर रही है। ईडी की जांच के दायरे में ट्रस्ट की वह इमारतें भी हैं, जिनके निर्माण में सरकारी विभागों से प्राप्त धन के इस्तेमाल का आरोप है।

सूत्रों को अनुसार, सरकारी धन का इस्तेमाल कर बनाए गए भवनों को जब्त किया जाएगा। जौहर ट्रस्ट से जुड़े वित्तीय लेनदेन और संपत्तियों की जांच आगे बढ़ने के साथ ही अब आयकर और ईडी के रडार पर ट्रस्ट से जुड़े अन्य लोग और संस्थानों भी आ गए हैं।

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