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46 करोड़ दिखाया, निकला 494 करोड़! जौहर ट्रस्ट को दान देने वाली 11 संदिग्ध कंपनियों का IT विभाग ने माँगा कच्चा-चिट्ठा

Published: Thu, 30 Jul 2026 11:05 AM (IST)

आयकर विभाग ने जौहर ट्रस्ट को 11 संदिग्ध फर्मों से करोड़ों के दान के संबंध में एक और नोटिस भेजा ...और पढ़ें

जौहर विश्वविद्यालय

जौहर विश्वविद्यालय

HighLights

  1. आयकर विभाग ने कसा शिकंजा, जौहर ट्रस्ट को भेजा एक और नोटिस

  2. सपा के राष्ट्रीय महासचिव आजम खां की अध्यक्षता में बना था ट्रस्ट

अनिल अवस्थी, रामपुर। सपा के राष्ट्रीय महासचिव मोहम्मद आजम खान पर आयकर विभाग का शिकंजा कसता जा रहा है। आजम के जौहर ट्रस्ट का चैरिटेबल पंजीकरण रद करने के बाद आयकर विभाग ने अब एक और नोटिस भेजा है। इसमें करोड़ों रुपये देने वाली 11 संदिग्ध फर्मों के पूरे पते, दान से संबंधित राशि, रसीद, बहीखाता, आयकर रिपोर्ट, बैंक स्टेटमेंट और अन्य संबंधित दस्तावेज मांगे हैं।

इसी वर्ष 23 जून की रिपोर्ट में आयकर विभाग ट्रस्ट के बहीखातों में दर्ज कई दानदाता फर्मों को अस्तित्वहीन यानी बोगस मान चुका है। वर्ष 2006 में आजम ने मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट बनाकर इसके अध्यक्ष बने। ट्रस्ट के तहत उन्होंने जौहर विश्वविद्यालय बनवाया।

50 हजार की प्रारंभिक राशि से स्थापित ट्रस्ट समय के साथ अरबों की संपत्ति और संसाधनों वाला संस्थान बन गया। आयकर विभाग ने सितंबर 2023 में छापेमारी कर जांच-पड़ताल के लिए जौहर विश्वविद्यालय से काफी दस्तावेज जब्त किए।

विभागीय रिपोर्ट में ट्रस्ट की मिली रकम व तेजी से बढ़ी संपत्ति पर सवाल उठे। ट्रस्ट ने विश्वविद्यालय निर्माण में करीब 46 करोड़ रुपये खर्च का दावा किया, जबकि केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) ने इसका मूल्यांकन लगभग 494 करोड़ रुपये आंका था।

इसी वर्ष 23 जून को ट्रस्ट का पंजीकरण निरस्त करने के साथ प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त (केंद्रीय), लखनऊ गौरव बाथम ने 147 पेज के आदेश में कई गंभीर टिप्पणियां भी कीं।

रिपोर्ट में करोड़ों की आय-व्यय के बावजूद जौहर ट्रस्ट के महज 2020 से 2024 तक आयकर रिटर्न दाखिल होने पर सवाल उठाया था। ट्रस्ट ने 11 फर्मों से करोड़ों रुपये दान मिलने का तथ्य दिखाया, लेकिन फर्म से जुड़ी विस्तृत जानकारी नहीं दे सके। जिसके बाद आयकर विभाग ने 24 जुलाई को भेजे नोटिस में विस्तृत जानकारी मांगी है।

इन दानदाता फर्मों का मांगा रिकाॅर्ड

लखनऊ की पिरामिड कंस्ट्रक्शन एंड सप्लायर्स, नई दिल्ली की रामिगेट इंफ्रा डेवलपर्स (प्राइवेट) लिमिटेड, दिल्ली का एआर एजुकेशन ट्रस्ट, नोएडा के अर्थ कम्युनिकेशल इंफ्राटेक (प्राइवेट) लिमिटेड, मुरादाबाद में सालार ओवरसीज लिमिटेड, बहराइच के मोहम्मद हसीब, मुरादाबाद के फैज परवीन के अलावा रायल एम्पोरिया फ्रा टेक (प्राइवेट) लिमिटेड, रोबोट विनिमय प्राइवेट लिमिटेड, वंडर सप्लायर्स प्राइवेट लिमिटेड, ड्रीम आफ पर्ल रियल्टी एंड सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के जिलों का भी उल्लेख नहीं है।

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