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आयकर विभाग को मिला आय से 3 गुना ज्यादा कैश; 11 संदिग्ध फर्मों के 'फर्जी' दान में उलझा मामला

Published: Thu, 30 Jul 2026 05:45 AM (IST)

आयकर विभाग आजम खान के जौहर विश्वविद्यालय ट्रस्ट की जांच कर रहा है, जिसमें आय और जमा राशि में भारी ...और पढ़ें

आजम खान और जौहर व‍िश्‍वव‍िद्यालय

आजम खान और जौहर व‍िश्‍वव‍िद्यालय

HighLights

  1. पांच वर्षों के आय-व्यय का ब्योरा मांगने के बाद संदिग्ध फर्मों से लेनदेन के नोटिस ने बढ़ाई परेशानी

जागरण संवाददाता, रामपुर। जौहर विश्वविद्यालय के अवैध घोषित 38 भवनों के ध्वस्तीकरण के आदेश पर फिलहाल मंडलायुक्त के न्यायालय से स्टे मिलने के बाद आयकर विभाग ने आजम खान की परेशानी बढ़ा दी है। विश्वविद्यालय पर खर्च हुई अरबों की धनराशि का अब वह बारीकी से ब्योरा मांग रहा है। ट्रस्ट अब तक ये ब्योरा उपलब्ध कराने में नाकाम रहा है। ऐसी दशा में आयकर विभाग अगली जांच-पड़ताल के लिए पूरा मामला ईडी को भेज सकता है।

आयकर विभाग कई अनियमितताओं के आरोप में आजम खान के जौहर ट्रस्ट का पंजीकरण निरस्त कर चुका है। अब उसने चार वर्ष पूर्व विश्वविद्यालय से सीज किए गए दस्तावेजों की छानबीन शुरू कर दी है। जौहर ट्रस्ट ने आयकर विभाग में महज चार वर्ष का ही आयकर रिटर्न दाखिल किया था।

आयकर विभाग को खाते में आई रकम और खाते में जमा रकम के बीच मिला अंतर

वित्तीय वर्ष दिखाई गई आय खाते में जमा धनराशि
2020-21 12,83,37,104 27,39,68,117
2021-22 8,31,02,156 25,04,73,424
2022-23 8,68,74,821 19,09,63,996
2023-24 8,71,49,405 26,25,80,330

उसमें भी आय और जमा राशियों में भारी अंतर मिलने पर आयकर विभाग ने सवाल खड़े किए हैं। साथ ही विभाग ने नोटिस भेजकर पहले तो वर्ष 2015 से 2020 तक ट्रस्ट को हुई आय और व्यय का ब्योरा मांग लिया और अब 11 संदिग्ध फर्मों से ट्रस्ट को दान के नाम पर दी गई करोड़ों की धनराशि का लेखाजोखा मांगा है।

बताया जाता है कि जिन फर्मों का ब्योरा मांगा गया है उनमें अधिकांश बोगस हैं। ऐसे में उनका ब्योरा उपलब्ध कराना ट्रस्ट के लिए आसान नहीं होगा। शायद आजम खान को इस बात का अंदाजा नहीं था कि भविष्य में आयकर विभाग इस तरह उन पर शिकंजा कस सकता है, इसी के चलते ट्रस्ट ने जौहर विश्वविद्यालय पर खर्च हुई अरबों की धनराशि के आय व्यय का लेखाजोखा तक तैयार नहीं कराया।

आयकर रिटर्न में यह मिली थी गड़बड़ी

जौहर ट्रस्ट ने 2020-21 से 2023-24 तक आयकर रिटर्न दाखिल किया है। इसमें दिखाई आय के सापेक्ष दो से तीन गुणा अधिक धनराशि बैंक अकाउंट में जमा मिली। आयकर विभाग ने इसे ट्रस्ट की गैर-वास्तविक गतिविधियां करार देते हुए इस पर सवाल उठाया है।

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