अयोध्या [प्रवीण तिवारी]। Ayodhya Ram Mandir: वैकल्पिक गर्भगृह में विराजमान रामलला का दर्शन पूजन करने वालों की तादाद के साथ ही चढ़ावे की रकम में भी तेजी से वृद्धि हो रही है। मात्र सात माह में यह धनराशि तकरीबन दो गुना बढ़ गई है। गत दो पखवारों में यह धनराशि 30 लाख रुपये का आंकड़ा पार कर गई। प्रतिदिन का औसत समर्पण दो लाख और माह भर का करीब 60 लाख हो गया।

गत अगस्त माह में मंदिर निर्माण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूमिपूजन किया था। उसी वक्त से तस्वीर बदलनी शुरू हुई। चढ़ावा भी बढऩा शुरू हुआ। दानपात्र में प्रतिदिन औसतन तकरीबन एक लाख रुपये अर्पित होने शुरू हो गए, जो अब लगभग दो लाख तक पहुंच चुके हैं। जबकि इसके पहले कोरोना काल की वजह से नित्य सिर्फ दस से 15 हजार रुपये अर्पित हो रहे थे। अगस्त में दानपात्र में मिली रकम 29 लाख, सितंबर में 30 लाख, अक्टूबर में 27 व नवंबर में 31 लाख रुपये थी, लेकिन 2021 शुरू होने के साथ ही चढ़ावे की रकम में वृद्धि हुई। जनवरी में चढ़ावा लगभग 45 लाख तक पहुंचा। फरवरी के अंतिम पखवारे व मार्च के पहले पखवारे में चढ़ावा तकरीबन 30 लाख रहा। ये चढ़ावा रामजन्मभूमि परिसर में ही रखे दानपात्र का है। ट्रस्ट के जिम्मेदारों ने इसकी पुष्टि की। चढ़ावे की धनराशि की गिनती परिसर में ही ट्रस्ट की निगरानी में भारतीय स्टेट बैंक कर्मचारी करते हैं। चढ़ावे की धनराशि के लिए डबल लॉक वाला दानपात्र है।

ट्रस्ट कार्यालय में समर्पण की रफ्तार भी तेज: रामकोट स्थित तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट कार्यालय आकर निधि समर्पित करने वालों की संख्या नित्य बढ़ रही है। गत कुछ दिनों में तो चेक व कैश को मिलाकर यहां जमा होने वाली धनराशि का आंकड़ा एक एक करोड़ पार पहुंच गया।

 

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