अयोध्या [आनंदमोहन]। अयोध्या धाम तीर्थ विकास परिषद के गठन की तैयारी तेज हो गई है। इसे ब्रज तीर्थ विकास परिषद (मथुरा) की तर्ज पर बनाया जाना है। सुप्रीम कोर्ट के मंदिर निर्माण वाले न्यास से परिषद अलग है। प्रशासनिक सूत्रों की मानें तो लगभग दो महीने पहले प्रस्ताव शासन में पर्यटन विभाग के मार्फत गया है। शासन स्तर पर उच्च स्तरीय बैठक के बाद रामनगरी के समेकित विकास के लिए ब्रज तीर्थ विकास परिषद की तर्ज पर बोर्ड गठित किए जाने का प्रस्ताव मांगा गया था। उसी क्रम में प्रस्ताव बना कर भेजा गया है। रामनगरी के विकास की जिम्मेदारी अयोध्या धाम तीर्थ विकास परिषद उठाएगी। सुप्रीम फैसला आने के बाद शासन में लंबित प्रस्ताव को मंजूरी दिलाने का प्रयास यकायक तेज हो गया है।

पर्यटन विभाग इस बारे में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं। सूत्रों के अनुसार, शासन स्तर पर लंबित प्रस्ताव की मंजूरी के बाद इस संबंध में अधिसूचना जारी होगी। परिषद के 15 सदस्यीय बोर्ड के मुख्यमंत्री अध्यक्ष एवं मुख्य सचिव पदेन उपाध्यक्ष होंगे। राज्य सरकार की तरफ से परिषद के लिए पूर्णकालिक उपाध्यक्ष नामित किए जाने की व्यवस्था होगी। बोर्ड की एक कौंसिल भी होगी।

कौंसिल का मुख्य कार्यपालक अधिकारी अध्यक्ष होगा। डीएम व एस एसपी समेत 10 विभागीय मुखिया कौंसिल में पदेन सदस्य होंगे। अयोध्या विकास प्राधिकरण समेत कई विभाग कौंसिल के सदस्य होंगे। अयोध्या-फैजाबाद विकास प्राधिकरण में ऑफिस होगा। प्रदेश सरकार अयोध्या क्षेत्र के बारे में जानकारी रखने वाले पर्यावरणविद्, इतिहासकार, जिला स्तरीय अधिवक्ता, दो जनप्रतिनिधि एवं सामाजिक कार्यकर्ता को इसमें नामित करेगी। बोर्ड के अनुमोदन पर पांच से 10 करोड़ के बीच में दान करने वालों को सदस्य के रूप में नामित करने पर भी विचार किया जाएगा।  

 

Posted By: Divyansh Rastogi

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप