लखनऊ, जेएनएन। आशियाना स्थित लोकबंधु राजयनारायण संयुक्‍त अस्‍पताल में बच्‍चे की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ। परिवारीजनों का आरोप था कि डॉक्‍टर ने बच्‍चे को इंजेक्‍शन लगाया जिसके बाद उसके बाद पर  लाल निशान होने लगे और थोड़ी देर में उसकी मौत हो गई। परिवारीजनों ने मौके पर पुलिस भी बुला ली, वहीं लगभग दो घंटे पहले स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री जय प्रताप सिंह निरीक्षण पर पहुंचे थे। 

यह है मामला 

रजनी खंड आशियाना निवासी रज्‍जन लाल अपने पांच साल के बेटे सत्‍यम शुक्‍ला को शुक्रवार देर रात लोकबंधु अस्‍पताल लाए थे। बच्‍चे को उल्‍टी और दस्‍त हो रहे थे। जिसके बाद डॉक्‍टरों ने उसे कुछ दवा दी और इंजेक्‍शन लगाया। वहीं शनिवार तबियत बिगड़ने पर परिवारीजन उसे वापस अस्‍पताल लेकर आए जहां डॉक्‍टर ने उसे फिर से इंजेक्‍शन लगाया। जिसके थोड़ी देर में ही बच्‍चे की मौत हो गई। घटना से आक्रोशित परिवारीजनों ने अस्‍पताल में हंगामा करना शुरू कर दिया। बच्‍चे की मां का आरोप था कि डॉक्‍टर ने इंजेक्‍शन लगाया जिसके बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी और मौत हो गई। 

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बच्‍चे के शरीर पर पड़े लाल निशान 

मृतक बच्‍चे के पिता रज्‍जन ने डायल 100 करके पुलिस को बुला लिया। जिसके बाद मौके पर आई पुलिस ने अस्‍पताल ने मामला शांत कराया। वहीं अस्‍पताल प्रशासन ने पूरे मामले में पल्‍ला झाड़ लिया। वहीं अधीक्षक डॉ पीएन अहिरवार ने बताया कि शुक्रवार रात बच्चे के परिजन बच्चे को डायरिया की शिकायत के साथ  लाए थे। जिसे भर्ती कर उसका इलाज किया गया जब वह नॉर्मल हो गया तो उसे छुट्टी दे दी गई थी। सुबह फिर नौ बजे उसकी तबीयत बिगड़ गई परिजन बच्चे को लाए। डॉक्टर उसका इलाज कर रहे थे कि अचानक बच्चे को झटके आने लगे जिसके बाद उसकी मौत हो गई। इलाज में लापरवाही का आरोप गलत है।  

वहीं कुछ देर पहले स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री जय प्रताप सिंह पहुंचे थे जहां उन्‍होंने अस्‍पताल में गंदगी पर प्रशासन को जमकर फटकार लगाई। वहीं मरीजों से हालचाल भी लिए थे। 

Posted By: Anurag Gupta

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