लखनऊ, राज्य ब्यूरो। त्रिपुरा सीमा से बांग्लादेश व म्यांमार के नागरिकों की अवैध घुसपैठ कराने वाले गिरोह के तार हवाला नेटवर्क से भी जुड़े हैं। गिरोह का सरगना मुहम्मद नूर उर्फ नूरुल इस्लाम हवाला के जरिये भी मोटी रकम का लेनदेन करता था। आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) अब इस बिंदु पर अपनी जांच को और आगे बढ़ा रहा है। सूबे में पहले फर्जी दस्तावेजों की मदद से पहचान बदलकर रह रहे रोहिंग्या का भी हवाला नेटवर्क सामने आया था। यहां ठेके पर काम करने वाले रोहिंग्या हवाला के जरिये बांग्लादेश व म्यांमार में अपनों को रकम भेज रहे थे।

एटीएस दो रोहिंग्या किशोरियों की तस्करी करने के मामले में पकड़े गए बांग्लादेश निवासी मुहम्मद नूर उर्फ नूरुल इस्लाम, म्यांमार के निवासी रहमतउल्ला व शबीउर्रहमान उर्फ शबीउल्लाह को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है। इससे पूर्व भी रोहिंग्या को घुसपैठ कराकर उन्हें प्रदेश में ठिकाना दिलाने व फैक्ट्रियों में काम दिलाने वाले कई गिरोह पकड़े जा चुके हैं। एटीएस की जांच में यह भी सामने आया है कि एक सिंडीकेट के तहत ठेके पर अवैध घुसपैठ कराई जा रही है। अब तक पकड़े गए सभी आरोपितों के आपसी कनेक्शन भी खंगाले जा रहे हैं। त्रिपुरा में रहकर मानव तस्करी कर रहे नूर के तार अन्य प्रदेशों से भी जुड़े थे। सूत्रों का कहना है कि नूर ने कुछ अन्य रोहिंग्या युवतियों को एनसीआर में बेचने की बात स्वीकार की है। एटीएस उन तक पहुंचने का भी प्रयास कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, इसके लिए एटीएस ने जाल बिछा दिए हैं। 

Edited By: Vikas Mishra