लखनऊ, जेएनएन।  अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत, कानून और राजनीतिक पेंशन मंत्री बृजेश पाठक ने कहा है कि नई सौर ऊर्जा नीति के तहत 2022 तक प्रदेश में 10700 मेगावाट क्षमता की सौर विद्युत उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है जबकि पिछली सरकारों में यह सिर्फ 500 मेगावाट का था। प्रदेश में सौर ऊर्जा आधारित विद्युत परियोजनाओं में कुल 6925 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। 

 प्रदेश सरकार की उपलब्धियों को लेकर मंत्री बृजेश पाठक बुधवार को लोकभवन के मीडिया सेंटर में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नई नीति में ऑनलाइन सिंगल विंडो क्लियरेंस की व्यवस्था, सोलर पावर परियोजनाओं की स्थापना के लिए भूमि पर 100 प्रतिशत स्टांप ड्यूटी में छूट, इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी में दस वर्षों के लिए शत-प्रतिशत छूट, सोलर पावर परियोजनाओं के लिए पर्यावरण क्लियरेंस में छूट एवं थर्ड पार्टी को पावर सेल का प्रावधान किया गया है। पाठक ने बताया कि प्रदेश सरकार ग्रिड संयोजित सोलर रूफटॉप परियोजनाओं की स्थापना को प्रोत्साहित कर रही है और इसमें अभी तक 1300 लोगों ने पंजीकरण कराया है। पाठक ने बताया कि सोलर पावर प्लांट की स्थापना पर 30 प्रतिशत केंद्रीय अनुदान के अलावा राज्य सरकार द्वारा 15 हजार रुपये प्रति किलोवाट अधिकतम 30 हजार रुपये प्रति उपभोक्ता को अनुदान दिया जाएगा। मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की विधानसभा में भी अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत प्लांट का प्रस्ताव दिया गया है और सुरक्षा के लिहाज से इसकी जांच चल रही है। उन्होंने इस योजना की अब तक की उपलब्धियों का भी ब्योरा दिया। कहा, पिछली सरकारो में जो दर आठ रुपये थी वह अब घटकर तीन रुपये दो पैसे हो गया है। उन्होंने कहा कि अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में 9387 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। 

Posted By: Nawal Mishra

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