लखनऊ, जेएनएन। भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता अरुण जेटली उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सदस्य थे। सुप्रीम कोर्ट के बड़े वकीलों में शुमार जेटली को भारतीय जनता पार्टी ने बीते वर्ष मार्च में उत्तर प्रदेश से राज्यसभा का प्रत्याशी बनाया था। भाजपा के पास उत्तर प्रदेश से दस राज्यसभा सदस्य बनाने की क्षमता थी।

उत्तर प्रदेश से राज्य सभा के सदस्य रहे अरुण जेटली ने सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली को अपना नोडल जिला चुना था। बड़ी सोच के नेता जेटली मानते थे कि कांग्रेस के गढ़ रायबरेली को विकास की अभी भी बहुत जरूरत थी। देश के वित्त तथा रक्षा मंत्री रहे जेटली ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहले कार्यक्रम में देश को हर मोर्चे पर अपनी उपयोगी राय दी थी। इस बार खराब स्वास्थ्य के कारण ही उन्होंने नरेंद्र मोदी मंत्रिमंडल में शामिल होने से इन्कार कर दिया था। विदेश मंत्री रही सुषमा स्वराज के बाद अरुण जेटली के निधन से भारतीय जनता पार्टी को बड़ा झटका लगा है। 

15 अप्रैल 2018 को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने वाले अरुण जेटली को भाजपा ने राज्यसभा में अपना नेता चुना था। लोकसभा चुनाव 2014 में जेटली ने अमृतसर से चुनाव लड़ा था, लेकिन कांग्रेस के कैप्टन अमरिंदर सिंह ने उनको हरा दिया था। इसके बाद राज्यसभा से वह सदन में गए थे। 28 दिसंबर 1952 को जन्मे अरुण जेटली ने 24 अगस्त 2019 को अंतिम सांस ली। उन्होंने दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में आखिरी सांस ली। वे 66 साल के थे। सफल राजनीतिज्ञ होने के साथ अरुण जेटली की पहचान एक बेहद सफल वकील के रूप में भी रही है। वह सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ वकील थे।

लंबे समय से टीशू कैंसर से जूझ रहे अरुण जेटली ऐसे नेता थे, जिन्होंने अपने राजनीतिक करियर में कभी कोई लोकसभा चुनाव नहीं जीता, बावजूद उन्हें राजनीति का पुरोधा माना जाता है। अरुण जेटली, मुश्किल वक्त में हमेशा पार्टी के खेवनहार रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता होने के सााथ-साथ वह पेशे से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता भी थे। उन्होंने अपने राजनीति अनुभव से जहां बड़े-बड़े मामलों में पार्टी और सरकार को राह दिखाई, वहीं कानूनी पेचीदगियों से भी पार्टी और सरकार को बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 

जेटली ने देखा था रायबरेली के विकास का सपना 

रायबरेली के विकास के लिए पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली लगातार चिंतित रहते थे। वह यहां के कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद कायम करने में भरोसा करते थे। उन्होंने 2 सितंबर 2018 को रायबरेली में विकास के कार्य कराने के लिए अपनी सांसद निधि से ढाई करोड़ रुपए भेजे थे। उसके अलावा भी कई विकास योजनाओं का प्रस्ताव भी मांगा गया था। ढाई करोड़ की सांसद निधि में हालांकि अभी कोई पैसा खर्चा नहीं हो सका है। एक सप्ताह पहले सौ सोलर लाइट लगाने का प्रस्ताव बनकर विकास भवन पहुंचा था। उन्होंने नोडल जिला रायबरेली के लिए 250 सोलर लाइट लगाने का पत्र डीएम को लिखा था। अपनी सांसद निधि से वह इस कार्य में ढ़ाई करोड़ खर्च कर रहे थे। 

अरुण जेटली का लखनऊ से गहरा संबंध

अरुण जेटली का लखनऊ से गहरा संबंध था। वह अटल जी के चुनाव प्रचार से जुड़े रहते थे। वह अटल जी के नामांकन से एक दिन पहले ही आ जाते थे और नामांकन पत्र की खुद ही बारीकी से जांच करते थे। वह नामांकन के समय वकील की हैसियत से मौजूद रहते थे। वकीलों के बीच जाकर वह भाजपा के लिए वोट मांगते थे।विधानसभा चुनावों में भी वह लखनऊ में सक्रिय रहते थे। कभी-कभी वह चौक वाले घर पर ही बाबूजी (लालजी टंडन) से मिलने आते थे और वहां भोजन करते थे। चौक की चाट उन्हें बहुत पसंद थी। जाड़े में वह काली गाजर का हलुवा भी खाते थे। 

अमेठी में स्मृति ईरानी का 25 अगस्त का कार्यक्रम स्थगित

पूर्व वित मंत्री अरुण जेटली जी के आकस्मिक निथन होने के कारण। केंद्रीय वस्त्र एवं महिला बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी का 25 अगस्त को संसदीय क्षेत्र में भ्रमण का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया है। केंद्रीय मंत्री के पीआरओ विजय गुप्ता ने यह जानकारी दी है।

Posted By: Dharmendra Pandey

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