लखीमपुर, संवादसूत्र। वन विभाग ने दूसरे बाघ/बाघिन को भी पकड़ने में सफलता प्राप्त कर ली है। यह बाघ है या बाघिन वन विभाग के अधिकारी अभी नहीं बता पा रहे हैं। 28 जून को वन विभाग ने एक बाघ को पकड़ा था। अब तक दो बाघ/बाघिन वन विभाग की गिरफ्त में आ चुके हैं। जिससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है लेकिन अभी भी इलाके में बाघ या बाघिन के होने की संभावना के चलते लोगों में डर भी बना हुआ है।

17 जून से अब तक पांच इंसानों व कई जानवरों की जान लेने वाले बाघ/बाघिन ने वन विभाग की नींद ही नहीं उड़ा दी बल्कि ग्रामीण भी रात भर जाग कर बिताने को मजबूर थे। 28 जून को वन विभाग ने खैरटिया में एक बाघ को पकड़ने में सफलता प्राप्त की तो ग्रामीणों की उम्मीद जग गई कि अब वन विभाग और बाघ/बाघिन को भी पकड़ लेगा।

बुधवार को खैरटिया इलाके में फील्ड डायरेक्टर संजय पाठक डीडी बफर जोन सुंदरेसा के नेतृत्व में दिन भर चहल कदमी रही तो संकेत मिले कि जल्द ही और बाघ/बाघिन वन विभाग की गिरफ्त में होंंगे। वन विभाग ने क्षेत्र में पिंजड़ों की संख्या बढ़ाई। साथ ही बाघ/बाघिन को पकड़ने के लिए विशेषज्ञों की एक नई टीम भी बुलाई थी। खैरटिया मझरा पूरब मार्ग पर बाबा कुटी के पास पड़ने वाले एक पीपल के पेड़ के पास लगाए गए पिंजड़े में रात करीब दस बजे एक और बाघ/बाघिन वन विभाग के कब्जे में आ गया।

इस प्रकार अब तक दो बाघ/बाघिन वन विभाग के गिरफ्त में आ चुके हैं। सवाल अभी भी बना हुआ है कि दो बाघ बाघिन को पकड़ने के बाद क्या यही बाघ/बाघिन हैं जो इंसानों की जान ले रहे थे। इसका जवाब वन विभाग के अधिकारी भी नहीं दे पा रहे हैं। वन क्षेत्राधिकारी विमलेश कुमार ने बताया कि बुधवार की देर रात दस बजे एक बाघ/बाघिन को और पकड़ लिया गया है। इस प्रकार दो बाघ बाघिन पकड़े जा चुके हैं।

बुधवार को पकड़ा गया बाघ है या बाघिन इस विषय पर वन विभाग के अधिकारी कुछ भी नहीं बता सके। वहीं पकड़े गए बाघ/बाघिन को बहराइच के कतर्नियाघाट भेज दिया गया ह‍ैै। दैनिक जागरण से वार्ता के दौरान फील्ड डायरेक्टर संजय पाठक ने भी संकेत दे दिए थे कि इलाके में कई बाघ बाघिन हो सकते हैं। साथ ही लोगों को सतर्क व अलर्ट रहने को भी कहा गया था।

Edited By: Vrinda Srivastava