बाराबंकी, संवादसूत्र। एआइएमआइएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी व आयोजक मंडल के खिलाफ गुरुवार की रात नगर कोतवाली में मुकदमा कराया गया था। इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहे फोटो का संज्ञान लेकर पुलिस अब इसमें राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम (1971) की धारा-दो को भी बढ़ा दिया गया है। सिटी पुलिस चौकी प्रभारी हरिशंकर साहू की तहरीर पर बिना अनुमति के जनसभा करने व धार्मिक भावनाओं को भड़काने, धारा 144 व कोविड-19 एवं महामारी अधिनियम के तहत ओवैसी पर नगर कोवताली में गुरुवार को मुकदमा किया गया था। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने का भी आरोप था।

शुक्रवार को जनसभा के दूसरे दिन एक फोटो वायरल हुई, जिसमें राष्ट्र ध्वज एक खंभे मेंं लिपटा हुआ था। उसी के पास ओवैसी जनसभा को संबोधित कर रहे थे। नगर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक अमर सिंह ने बताया कि अब मुकदमे में राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम (1971) की धारा-दो को भी बढ़ा दिया गया है। बता दें क‍ि राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम की धारा दो के तहत दोषी पाए जाने पर तीन साल के कारावास का प्रविधान है।

उल्लेखनीय है कि ओवैसी को नगर के मुहल्ला कटरा में चौधरी फैज उर-रहमान के घर चाय-नाश्ता की अनुमति दी गई थी, लेकिन उन्होंने यहां बड़ी जनसभा को संबोधित किया। इसके लिए मंच, बैरीकेडिंग, साउंड सहित अन्य व्यवस्थाएं भी रहीं। इस पर दरियाबाद विधायक सतीश चंद्र शर्मा ने एआइएमआइएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी व कार्यक्रम आयोजकों के खिलाफ एफआइआर कराए जाने की मांग की थी। उन्‍होंने अपर मुख्य सचिव गृह से इसकी श‍िकायत पत्र ल‍िखकर की थी, ज‍िसकी प्रति डीएम व एसपी को भी भेजी थी। विधायक ने बताया कि उन्होंने डीएम व एसपी से इस संबंध में बात भी की। तब प्रशासन हरकत में आया था और इसके बाद पुलिस ने नगर कोतवाली में मामला दर्ज किया था।

Edited By: Anurag Gupta