लखनऊ (जेएनएन)। पूर्व नगर विकास मंत्री आजम खां द्वारा एक टीवी चैनल पर की गई व्यक्तिगत टिप्पणी से व्यथित राज्य सभा सदस्य अमर सिंह ने मंगलवार को कहा कि, 'आजम खां ! मेरी कुर्बानी ले लो लेकिन, मेरी बेटियों को बख्श दो। मैं 30 अगस्त को दोपहर 12 बजे रामपुर आ रहा हूं। मेरी हत्या करनी है तो कर देना लेकिन मेरी बेटियों को कुछ मत करना। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि मैं एक डरा हुआ पिता हूं जिसकी बेटियों को तेजाब से नहलाने की बात आजम खां कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह बुधवार की शाम छह बजे राज्यपाल से मिलकर भी शिकायत करेंगे। वहीं, अमर ने मंगलवार ट्वीट कर यह बताया कि वह बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मुलाकात करेंगे।


अमर सिंह ने मंगलवार को लखनऊ में पत्रकारों से कहा कि आजम खां को झूठ बोलने में महारत है। वे अब कह रहे हैं कि उन्होंने ऐसा कुछ नहीं कहा। अमर सिंह ने पत्रकारों को उस न्यूज चैनल की क्लिपिंग भी दिखाई जिसमें आजम खां रिपोर्टर से अमर सिंह पर पूछे गए प्रश्न पर यह कह रहे हैं '...जिस दिन जो नाम आप ले रहे हैं, वह व उन जैसे लोग दंगों में मारे जाएंगे, उनके परिवार के लोग काटे जाएंगे, उस दिन हिन्दुस्तान में दंगे बंद हो जाएंगे। जब इनके बच्चों को तेजाबों में गलाया जाएगा, तब न मुजफ्फरनगर के दंगे होंगे और न गुजरात के दंगे।


अमर सिंह ने कहा कि मैं बुरा व विवादित आदमी हो सकता हूं लेकिन, दो नाबालिग बेटियों का बाप भी हूं। मेरी बेटियां स्कूल जाती हैं, मेरी पत्नी आज रोती हैं। उन्होंने कहा कि , 'आजम खां आपकी दुश्मनी मुझसे है। मेरी बेटियों को बीच में क्यों ला रहे हो। अमर सिंह ने आजम को मुलायम सिंह का राजनीतिक दत्तक पुत्र करार देते हुए कहा कि वह मुझे अवसरवादी कह रहे हैं। 'हां, मैं अवसरवादी हूं क्योंकि मैंने अपनी पत्नी को राज्यसभा नहीं भेजा। मैंने अपने बेटे या बेटी को विधायक नहीं बनाया और न ही मैं किसी विश्वविद्यालय का आजीवन चांसलर बना हूं।


अमर सिंह ने मुलायम व अखिलेश पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अगर धर्मनिरपेक्षता का मतलब अपने स्वाभिमान से समझौता कर हिंदू होने पर शर्म करना है तो मैं सांप्रदायिक होना पसंद करूंगा। उन्होंने कहा कि मैं अब्दुल हमीद जैसे मुसलमानों का समर्थक हूं लेकिन, अलाउद्दीन खिलजी जैसे मुसलमानों का विरोधी हूं। उन्होंने आजम की तुलना खिलजी व तैमूर से की।

अखिलेश पर वार करते हुए कहा कि अब तो आपकी पार्टी में अंकल नहीं हैं, अब क्यों नहीं पूरा परिवार एक हो जाता। अमर बोले, अखिलेश ने कहा था चार महीने में राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद मुलायम सिंह को वापस कर देंगे लेकिन, आज तक वापस नहीं किया। उन्होंने अखिलेश पर तंज कसते हुए कहा, ...राम चन्द्र कह गए सिया से एक दिन ऐसा कलयुग आएगा बेटा अखिलेश करेगा राज और बूढ़ा मुलायम जंगल जाएगा।

जयाप्रदा आज एफआइआर कर दें तो आजम जेल जाएंगे
अमर सिंह ने कहा कि जयाप्रदा के साथ आजम ने बहुत अपमानजनक व्यवहार किया था। यदि वह आज एफआइआर दर्ज करा दें तो आजम खां जेल चले जाएंगे क्योंकि इस तरह के मामलों में किसी भी समय शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

आजम की यूनिवर्सिटी को मिले विदेशी पैसों की जांच हो
अमर सिंह ने केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मांग की कि आजम खां की यूनिवर्सिटी को मिले विदेशी पैसों की जांच हो। जिस प्रकार केरल आपदा में विदेशी चंदा लेना मना है, उसी प्रकार रामपुर में विश्वविद्यालय के लिए विदेशी पैसा लिया जाना भी गलत है।

शिवपाल के लिए भाजपा में की थी बात
अमर सिंह ने कहा कि शिवपाल यादव राजनीति में मुलायम सिंह यादव की अच्छी देन हैं। उनके लिए तो भाजपा में उच्चतम स्तर पर बात की थी पर जिस दिन शिवपाल को भाजपा में शामिल होना था, उस दिन तय समय पर वह नहीं आए। मेरा अब उनसे कोई संपर्क नहीं है। अमर सिंह ने कहा कि वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में वह भाजपा का समर्थन करेंगे। हालांकि उन्होंने भाजपा में शामिल होने से इन्कार कर दिया है। वहीं, शिवपाल यादव ने इसमें कोई भी टिप्पणी करने से मना कर दिया है।
 

अमर सिंह ने मुलायम सिंह यादव व अखिलेश यादव पर भी जमकर निशाना साधा। अमर सिंह ने एक बार फिर से समाजवादी पार्टी को नमाजवादी पार्टी करार देते हुए उस पर परिवारवाद का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि लोहिया जी ने पार्टी में अपने परिवार के किसी सदस्य को स्थान नहीं दिया था लेकिन यहां तो पूरी की पूरी पार्टी ही एक परिवार से ही भरी पड़ी है। उन्होंने कहा कि भाजपा सिर्फ राम का नाम लेती है लेकिन लोहिया जी तो सियाराम का नाम लेते थे।

अमर सिंह ने आरोप लगाया कि जब आजम खां समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रभारी मंत्री थे तब मुजफ्फरनगर के दंगे हुए। उन्होंने कहा कि देश विभाजन के समय भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कोई दंगा नहीं हुआ था लेकिन आजम खां के प्रभार के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश दंगों की आग में झुलसा। अमर सिंह ने कहा कि आजम खां के प्रभार के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तब हिंदू समाज की एक लड़की के साथ बहुत क्रूरता के साथ छेड़छाड़ की गयी थी लेकिन दूसरे समाज के व्यक्ति को बचाया गया।

उन्होंने कहा कि जो लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र पर गुजरात दंगों के दाग लगाते हैं उन्हें जवाब देना चाहिए कि कैसे उनके समय में मुजफ्फरनगर में दंगे भड़के। अमर सिंह ने कहा कि जितने मुसलमान गुजरात दंगों में मारे गये उससे ज्यादा मुजफ्फरनगर के दंगों में मारे गये लेकिन उनकी नस्ल के आजम खां सब देखते रहे।

अमर सिंह ने कहा कि जब इन लोगों की सरकार होती है तो एक विशेष समुदाय के लोग लड़कियां छेड़ सकते हैं और उन्हें हर चीज की छूट होती है। उन्होंने कहा कि तीन उपचुनाव जीत कर यह लोग इतरा रहे हैं लेकिन क्या यही इनकी धर्मनिरपेक्षता है। अमर सिंह यहीं नहीं रूके और कहा कि खिलजी तथा मोहम्मद गौरी की नस्ल के लोगों को हिंदुस्तान में रहने का कोई हक नहीं है। अमर सिंह ने कहा कि जो व्यक्ति भारत माता को डायन कहता हो वह भारत में कैसे रह सकता है। उन्होंने कहा कि आजम खां वही व्यक्ति हैं जो कश्मीर को भारत का हिस्सा नहीं मानते।

अमर सिंह ने कहा कि मुलायम का जन्मदिन मनाने के बाद आजम खां ने खुलेआम कहा था कि हमें दाउद इब्राहिम और अबु सलेम से पैसे मिलते हैं। उन्होंने कहा कि आजम खां ने अपने पिता के नाम पर घोटाला कर रामपुर में विश्वविद्यालय बनाया है और यदि झूठ बोलने की कोई प्रतियोगिता हो तो आजम खां ही पुरस्कार जीतेंगे।

भाजपा में आने की आहट

राज्यसभा सांसद अमर सिंह की ओर से लगातार ऐसे बयान आ रहे हैं जो साफ दिखाते हैं कि वह अब खुले तौर पर भारतीय जनता पार्टी के समर्थन में आ गए हैं। अमर सिंह ने आज कहा भी कि वह 2019 के लोकसभा चुनाव में वह खुले तौर पर भाजपा का साथ देंगे, लेकिन वह भाजपा में शामिल नहीं होंगे।

शिवपाल को भाजपा में जाना चाहिए

अमर सिंह ने शिवपाल सिंह यादव की उपेक्षा पर भी दुख जताया। अमर सिंह ने कहा कि मैंने उनके लिए भाजपा में अच्छे पद पर बात की थी, लेकिन वो नहीं गए। अब मेरे उनसे (शिवपाल) कोई संबंध नहीं है।

मुलायम-अखिलेश पर निशाना 

मुजफ्फरनगर दंगों पर आजम के बयान को लेकर अमर सिंह ने कहा कि मुलायम सिंह तुम्हारी भी पत्नी है, तुम्हारी पुत्रवधू है और अखिलेश यादव तुम्हारी भी बेटी है, अगर उसे कहा जाएगा कि तेजाब से जलाया जाएगा तो तुम लोग क्या करोगे। उन्होंने कहा लोहिया जी ने पार्टी में अपने परिवार के किसी सदस्य को स्थान नहीं दिया था लेकिन यहां तो पूरी पार्टी ही परिवार से ही भरी पड़ी है। अमर सिंह ने चुटीले अंदाज में कहा कि जिस तरह बेटी के जवान होने पर वर ढूंढा जाता है वैसे ही सपा परिवार में बच्चों के बड़े होने पर क्षेत्र ढूंढा जाता है कि वो कहां से चुनाव लड़ेगा।

शर्म करो और अगर यह धर्मनिरपेक्षता है तो इसके बजाए मैं सांप्रदायिक होना ज्यादा पसंद करता हूं। मैं मुसलमानों का विरोधी नहीं हूं। अब्दुल हमीद, मौलाना मोहम्मद अली जौहर, अशफाक उल्ला खां जैसे महान मुसलमानों का मैं समर्थक हूं। लेकिन वह मुसलमान जो खिलजी की तरह पद्मावती की इज्जत लूटने आते हैं, जो नादिरशाह, अब्दाली की तरह बच्चों पर तेजाब फेंकने, महिलाओं की इज्जत लूटने आते हैं। उन मुसलमानों का समर्थक मैं नहीं हो सकता। सांप्रदायिकता का टीका और तमगा अपने माथे पर लेने के लिए तैयार हूं।

उपचुनाव जीत गए तो मिला धमकी का लाइसेंस

राज्यसभा सांसद अमर ने कहा कि तीन उपचुनाव क्या जीत गए हिंदुओं की बेटियों को तेजाब से जलाने का लाइसेंस मिल गया है। सरकार आई थी तो हिंदू लड़कियां बेइज्जत हुई थीं सरकार चली गई तो धमकी की प्रक्रिया सिर्फ तीन उपचुनाव से शुरू हो गई। विष्णु का मंदिर बनाएंगे। कौन हैं विष्णु। क्या राम विष्णु के अवतार नहीं हैं। 14 वर्ष के लिए राम वनवास चले गए पिता के कहने से और नमाजवादी पार्टी ने क्या किया। विष्णु का मंदिर बनाएंगे विष्णु का अपमान करने वाले। रामचंद्र कह गए सिया से ऐसा कलयुग आएगा, राज करेगा बेटा अखिलेश और बाप जंगल को जाएगा।

Posted By: Dharmendra Pandey